Maharashtra: मुंबई और अहमदाबाद के बीच बनने वाली बुलेट ट्रेन परियोजना में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुंबई के Vikhroli इलाके में टनल बोरिंग मशीन (TBM) का पहला 350 टन भारी कटरहेड नीचे उतारा गया है। यह मशीन जमीन के नीचे सुरं
Maharashtra: मुंबई और अहमदाबाद के बीच बनने वाली बुलेट ट्रेन परियोजना में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुंबई के Vikhroli इलाके में टनल बोरिंग मशीन (TBM) का पहला 350 टन भारी कटरहेड नीचे उतारा गया है। यह मशीन जमीन के नीचे सुरंग बनाने का काम करेगी, जिससे हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का अंडरग्राउंड हिस्सा तैयार होगा।
बुलेट ट्रेन की इस मशीन की खासियत क्या है?
यह मशीन जर्मनी की कंपनी Herrenknecht ने सप्लाई की है। इसका कटरहेड 13.6 मीटर चौड़ा है और इसका वजन करीब 350 टन है, जो लगभग 250 मीडियम साइज की SUVs के बराबर है। इस मशीन में 84 कटर डिस्क और 124 स्क्रेपर्स लगे हैं, जो चट्टानों को काटकर रास्ता बनाएंगे। यह देश की रेल सुरंगों के लिए अब तक की सबसे बड़ी मशीन है।
सुरंग का काम कब तक पूरा होगा और रूट क्या है?
Vikhroli में लगी यह मशीन करीब 6 किलोमीटर लंबी सुरंग बनाएगी जो Bandra Kurla Complex (BKC) तक जाएगी। यह सुरंग जमीन से 25 से 57 मीटर नीचे होगी और कुछ जगहों पर इसकी गहराई 114 मीटर तक जाएगी। कुल 21 किलोमीटर की सुरंग में से 7 किलोमीटर का हिस्सा ठाणे क्रीक के नीचे समुद्र के अंदर होगा, जो भारत की पहली अंडरसी रेल टनल होगी।
| विवरण |
जानकारी |
| कटरहेड का वजन |
350 टन |
| कटरहेड का व्यास |
13.6 मीटर |
| शुरुआती ड्राइव |
जुलाई 2026 |
| मुख्य टनलिंग ड्राइव |
अक्टूबर 2026 |
| पहला सेक्शन लॉन्च |
दिसंबर 2027 |
| कुल सुरंग लंबाई |
21 किलोमीटर |
रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw ने इस उपलब्धि की जानकारी X पर साझा की है। NHSRCL ने बताया कि सुरंग बनाने के दौरान ऊपर की इमारतों और जमीन को सुरक्षित रखने के लिए आधुनिक सेंसर और मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
बुलेट ट्रेन की सुरंग का काम कब तक पूरा होगा?
TBM का शुरुआती काम जुलाई 2026 में और मुख्य टनलिंग अक्टूबर 2026 में शुरू होगी। परियोजना का पहला सेक्शन दिसंबर 2027 तक लॉन्च करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या यह सुरंग समुद्र के नीचे से भी गुजरेगी?
हाँ, कुल 21 किलोमीटर की सुरंग में से 7 किलोमीटर का हिस्सा ठाणे क्रीक के नीचे समुद्र के अंदर बनाया जाएगा, जो भारत की पहली ऐसी रेल सुरंग होगी।