Mumbai-Ahmedabad Bullet Train का काम 80% पूरा, 2027 तक सूरत-बिलीमोरा के बीच दौड़ेगी ट्रेन

Gujarat/Maharashtra: भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अब हकीकत के करीब है। मुंबई और अहमदाबाद के बीच बनने वाले इस हाई-स्पीड कॉरिडोर का करीब 80% काम पूरा हो चुका है। भारत और जापान के बीच चल रही बातचीत सकारात्मक है और निर्

Gujarat/Maharashtra: भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना अब हकीकत के करीब है। मुंबई और अहमदाबाद के बीच बनने वाले इस हाई-स्पीड कॉरिडोर का करीब 80% काम पूरा हो चुका है। भारत और जापान के बीच चल रही बातचीत सकारात्मक है और निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे आने वाले समय में यात्रा का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का पहला हिस्सा सूरत और बिलीमोरा के बीच शुरू होगा। उम्मीद है कि 15 अगस्त 2027 तक इस सेक्शन पर ट्रेन सेवाएं शुरू हो जाएंगी। इसके बाद धीरे-धीरे वापी-सूरत, वापी-अहमदाबाद और अंत में मुंबई तक कनेक्टिविटी दी जाएगी। पूरे कॉरिडोर के 2030 तक पूरी तरह चालू होने का लक्ष्य है।

निर्माण कार्य की मौजूदा स्थिति इस प्रकार है:

विवरण ताजा अपडेट
वायडक्ट (Viaducts) 310 किमी से ज्यादा का काम पूरा
नदी पुल (River Bridges) 15 पुल तैयार, 4 अंतिम चरण में
टनल (Tunnel) BKC और शिलफाटा के बीच 2.7 किमी का हिस्सा तैयार
स्टेशन 12 में से 5 स्टेशन तैयार, 3 लगभग पूरे
सबर्मती ट्रांसपोर्ट हब पूरी तरह तैयार
स्टील ब्रिज अहमदाबाद में 100 मीटर लंबा ‘Make in India’ ब्रिज तैयार

जापान इस प्रोजेक्ट के लिए अपनी सबसे आधुनिक E10 सीरीज की शिंकानसेन ट्रेनें भारत लाएगा। यह पहली बार होगा जब जापान अपनी सबसे एडवांस तकनीक दुनिया के किसी और देश में अपने देश के साथ ही लॉन्च करेगा। E10 ट्रेनें 2030 के आसपास आएंगी। तब तक के लिए भारत और जापान ने तय किया है कि शुरुआती सेवाएं स्वदेशी हाई-स्पीड ट्रेनों से शुरू की जाएंगी।

इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए जापान की JICA संस्था करीब 81% फंड दे रही है। हालांकि, हाल ही में एक जापानी इंजीनियर हिदेकी मकिहारा ने सिग्नलिंग सिस्टम को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि भारत जापान के DS-ATC सिस्टम के बजाय यूरोपीय ETCS-L2 सिस्टम की ओर बढ़ रहा है, जिससे भविष्य में सहयोग पर असर पड़ सकता है।

वहीं, 15 जुलाई 2026 को ठाणे में उल्हास नदी पुल के पास भारी बारिश से एक अस्थाई ढांचा प्रभावित हुआ था। NHSRCL ने साफ किया कि मुख्य पुल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है और इससे प्रोजेक्ट की सेफ्टी या समय सीमा पर कोई असर नहीं पड़ेगा।