Maharashtra: मुंबई की एक अदालत ने 58 करोड़ रुपये के बड़े डिजिटल अरेस्ट घोटाले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड मोहम्मद आरिफ की जमानत याचिका खारिज कर दी है, जबकि मददगार माने जाने वाले अंकितकु
Maharashtra: मुंबई की एक अदालत ने 58 करोड़ रुपये के बड़े डिजिटल अरेस्ट घोटाले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले के कथित मास्टरमाइंड मोहम्मद आरिफ की जमानत याचिका खारिज कर दी है, जबकि मददगार माने जाने वाले अंकितकुमार शाह को जमानत मिल गई है। यह पूरा मामला एक रिटायर्ड फार्मा एग्जीक्यूटिव को अपना शिकार बनाने से जुड़ा है।
डिजिटल अरेस्ट स्कैम में कोर्ट ने क्या कहा?
जज NV Jiwane ने मोहम्मद आरिफ की जमानत नामंजूर करते हुए कहा कि सबूतों से पता चलता है कि वह इस घोटाले का मास्टरमाइंड था। आरिफ पर घोटाले की रकम में से करीब 2.5 करोड़ रुपये हड़पने और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े होने का आरोप है। वहीं, अंकितकुमार शाह को जमानत दे दी गई क्योंकि कोर्ट ने माना कि उसके खिलाफ सबूत केवल दूसरे आरोपी के बयानों पर आधारित थे, जो कानूनी तौर पर पर्याप्त नहीं थे।
कैसे किया गया 58 करोड़ का फ्रॉड?
यह घोटाला अगस्त 2025 में शुरू हुआ था। जालसाजों ने मुंबई के एक 72 साल के कारोबारी और उनकी पत्नी को निशाना बनाया। ठगों ने खुद को CBI, ED और TRAI का अधिकारी बताया और उन्हें डराया कि वे मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसे हैं। उन्हें डराने के लिए फर्जी कोर्ट की कार्यवाही और नकली पुलिस पूछताछ का सहारा लिया गया, जिससे डरकर पीड़ित ने करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए।
पैसे कहां भेजे गए और कौन हैं मुख्य आरोपी?
Maharashtra Cyber की जांच में सामने आया कि ठगों ने लूटी गई रकम को ठिकाने लगाने के लिए बहुत बड़ा जाल बिछाया था।
| विवरण |
जानकारी |
| म्यूल अकाउंट्स (Mule Accounts) |
6,500 से ज्यादा (बाद में 10,000 पाए गए) |
| लेयर्स (Layers) |
13 अलग-अलग लेयर्स में पैसा घुमाया गया |
| अंतरराष्ट्रीय लिंक |
होंगकोंग, चीन और इंडोनेशिया |
| संभावित ठिकाने |
कंबोडिया और दुबई |
| मुख्य हैंडलर |
विजय खन्ना (भारत से बाहर) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
डिजिटल अरेस्ट स्कैम क्या होता है?
इसमें जालसाज खुद को सरकारी एजेंसी (CBI, ED) का अधिकारी बताकर लोगों को वीडियो कॉल पर डराते हैं और उन्हें घर में ही ‘कैद’ या ‘अरेस्ट’ होने का डर दिखाकर पैसे ऐंठते हैं।
इस मामले में अब तक कितने लोगों को जमानत मिली है?
अंकितकुमार शाह और चिश्ती अहतेशामुद्दीन को जमानत मिल चुकी है, जबकि मोहम्मद आरिफ और 14 अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज हो चुकी हैं।