Maharashtra: मुंबई के लोगों की सुबह की आदतों पर एक दिलचस्प चर्चा शुरू हुई है। Mumbai Mirror में शिव shambale ने एक लेख लिखा है जिसमें उन्होंने सुबह 5 बजे उठने के चलन को एक ‘फ्रॉड’ बताया है। लेखक का कहना है कि
Maharashtra: मुंबई के लोगों की सुबह की आदतों पर एक दिलचस्प चर्चा शुरू हुई है। Mumbai Mirror में शिव shambale ने एक लेख लिखा है जिसमें उन्होंने सुबह 5 बजे उठने के चलन को एक ‘फ्रॉड’ बताया है। लेखक का कहना है कि सोशल मीडिया पर सुबह जल्दी उठने को लेकर एक तरह का दबाव बनाया जा रहा है जो हर किसी के लिए सही नहीं है।
सुबह 5 बजे उठने वाले लोग कौन हैं?
लेख के मुताबिक मुंबई में सुबह 5 बजे सिर्फ तीन तरह के लोग जागते हैं। पहले वो जिन्हें वाकई जरूरी काम होता है, दूसरे वो जिनमें जरूरत से ज्यादा उत्साह होता है और तीसरे वो जो सोशल मीडिया पर मोटिवेशनल रील्स पोस्ट करते हैं। लेखक ने बताया कि Instagram और LinkedIn जैसे प्लेटफॉर्म्स पर बायोलॉजी को प्रोपेगेंडा में बदला जा रहा है जिससे देर से उठने वालों के मन में गिल्ट पैदा होता है।
क्या विज्ञान भी इस बात का समर्थन करता है?
लेख में विशेषज्ञों के हवाले से बताया गया है कि हर इंसान का शरीर अलग होता है जिसे ‘chronotype’ कहा जाता है। कुछ लोग ‘larks’ होते हैं जो सुबह जल्दी उठना पसंद करते हैं और कुछ ‘owls’ होते हैं जो रात में ज्यादा एक्टिव रहते हैं। विज्ञान ने उन लोगों का साथ दिया है जो देर से उठते हैं और यह बताया है कि जबरदस्ती जल्दी उठना हर किसी के लिए फायदेमंद नहीं होता।
‘5 am club’ के पीछे का सच क्या है?
लेख में इस बात का जिक्र है कि ‘5 am club’ जैसी संस्कृति को आध्यात्मिक ज्ञान, प्राइवेट इक्विटी और बेहतर फिटनेस के नाम पर बेचा जा रहा है। इसे एक ऐसी मार्केटिंग की तरह पेश किया जाता है जिससे लोग खुद को दूसरों से बेहतर महसूस करें, जबकि असलियत में यह हर व्यक्ति की शारीरिक बनावट और जरूरत पर निर्भर करता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
chronotype क्या होता है?
यह एक वैज्ञानिक तरीका है जिससे लोगों को उनकी नींद की आदतों के आधार पर बांटा जाता है। इसमें जल्दी उठने वालों को ‘larks’ और देर रात तक जागने वालों को ‘owls’ कहा जाता है।
लेखक ने सुबह 5 बजे उठने को फ्रॉड क्यों कहा?
लेखक के अनुसार सोशल मीडिया पर सुबह जल्दी उठने को सफलता और अनुशासन से जोड़कर एक ‘गिल्ट इकोनॉमी’ बनाई गई है, जो वैज्ञानिक रूप से हर किसी के लिए सही नहीं है।