Maharashtra: मुंबई को भीड़भाड़ से बचाने के लिए सरकार ‘मुंबई 3.0’ यानी Karnala-Sai-Chirner (KSC) न्यू टाउन प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। लेकिन इस योजना को लेकर स्थानीय लोगों और किसानों में भारी नाराजगी है। लोग न
Maharashtra: मुंबई को भीड़भाड़ से बचाने के लिए सरकार ‘मुंबई 3.0’ यानी Karnala-Sai-Chirner (KSC) न्यू टाउन प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। लेकिन इस योजना को लेकर स्थानीय लोगों और किसानों में भारी नाराजगी है। लोग नई सुविधाओं के बजाय पुरानी परिवहन व्यवस्था और अपनी जमीनों को बचाने की बात कर रहे हैं।
KSC न्यू टाउन प्रोजेक्ट क्या है और क्यों हो रहा है विरोध?
यह प्रोजेक्ट रायगढ़ के उरण, पनवेल और पेन तालुकों के 124 गांवों में फैला है। MMRDA इसे एक बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करना चाहता है ताकि मुंबई का बोझ कम हो सके। 10 जून 2026 को एक बड़ी बैठक में किसानों और निवासियों ने अपनी जमीन न देने का फैसला किया है। उन्हें डर है कि इससे उनकी खेती और मछली पकड़ने की रोजी-रोटी छिन जाएगी।
Pod Taxi और प्रीमियम बसों की क्या है स्थिति?
BKC में ₹1017 करोड़ की लागत से AI-आधारित ड्राइवरलेस Pod Taxi शुरू की जा रही है, जिससे 2031 तक रोजाना 1.09 लाख लोग सफर कर सकेंगे। वहीं, BEST बसों को 2027 तक पूरी तरह इलेक्ट्रिक बनाने का लक्ष्य है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि लोग अभी भी निजी वाहनों और ऑटो-टैक्सी पर ज्यादा भरोसा करते हैं। एक सर्वे में पाया गया कि 52% लोग निजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं, जबकि केवल 25% पब्लिक ट्रांसपोर्ट चुनते हैं।
आम जनता की मांग और बुनियादी समस्याएं
BKC में हुए एक कार्यक्रम में 82% यात्रियों ने कहा कि अगर पब्लिक ट्रांसपोर्ट ज्यादा भरोसेमंद और आरामदायक होगा, तभी वे इसे अपनाएंगे। अर्बन डिजाइनर ऊर्मी कापड़िया का मानना है कि मुंबई में नए प्रोजेक्ट्स तो आते हैं, लेकिन पुराने बुनियादी ढांचे के रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया जाता। लोग आज भी भीड़भाड़ वाली ट्रेनों और लंबी बस लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हैं, जबकि प्रशासन उन्हें आधुनिक विकल्पों की ओर ले जाना चाहता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई 3.0 (KSC न्यू टाउन) प्रोजेक्ट कहां विकसित किया जा रहा है?
यह प्रोजेक्ट रायगढ़ जिले के उरण, पनवेल और पेन तालुकों के 124 गांवों में 323.44 वर्ग किमी क्षेत्र में बनाया जा रहा है।
BKC में आने वाली Pod Taxi की खासियत क्या है?
यह AI-आधारित ड्राइवरलेस पॉड्स होंगे जो 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगे और एक बार में 6 यात्रियों को ले जा सकेंगे।