MP: इंदौर में मोबाइल टावर के महंगे उपकरणों की चोरी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड इंतजार मलिक को दिल्ली के सीलमपुर इलाके से गिरफ्तार किया है। इस मामले में करीब
MP: इंदौर में मोबाइल टावर के महंगे उपकरणों की चोरी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस पूरे खेल के मास्टरमाइंड इंतजार मलिक को दिल्ली के सीलमपुर इलाके से गिरफ्तार किया है। इस मामले में करीब 8 करोड़ रुपये के उपकरणों की हेराफेरी की बात सामने आई है।
कैसे हुई मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी और क्या है मामला?
इंदौर क्राइम ब्रांच ने दिल्ली के कर्दमपुरी इलाके से आरोपी इंतजार मलिक को दबोचा। वह पिछले 10 साल से सीलमपुर में स्क्रैप का काम कर रहा था। वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के जनरल मैनेजर अंबरीष तिवारी की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ था। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने ठेके के बहाने टावरों से 3G उपकरण उतारे और उन्हें कंपनी के गोदाम में जमा करने के बजाय चोरी कर लिया।
गिरोह के सदस्य और चोरी का तरीका क्या था?
इस गैंग ने अलग-अलग राज्यों में अपना जाल फैला रखा था। मास्टरमाइंड से पहले पुलिस पांच अन्य लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। चोरी का माल दिल्ली के सीलमपुर स्क्रैप मार्केट में बेचा जाता था और पुलिस को शक है कि कुछ सामान विदेशों में भी भेजा गया।
| विवरण |
जानकारी |
| गिरफ्तार मास्टरमाइंड |
इंतजार मलिक (दिल्ली) |
| कुल हेराफेरी |
लगभग 8 करोड़ रुपये |
| शिकायतकर्ता कंपनी |
वोडाफोन आइडिया लिमिटेड |
| जांच एजेंसी |
इंदौर क्राइम ब्रांच |
| अन्य गिरफ्तार आरोपी |
इमरान, उस्मान, आबिद, राकेश और संजीव |
| दबिश दिए गए राज्य |
बिहार, दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड, UP और हरियाणा |