Bihar: मोतिहारी के ढाका इलाके के करमावा में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम और ग्रामीणों के बीच भारी टकराव हो गया। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव किया और एक जवान को बंधक बनाकर उसकी पिटाई कर दी। हंगामे के का
Bihar: मोतिहारी के ढाका इलाके के करमावा में अतिक्रमण हटाने गई पुलिस टीम और ग्रामीणों के बीच भारी टकराव हो गया। इस दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस टीम पर पथराव किया और एक जवान को बंधक बनाकर उसकी पिटाई कर दी। हंगामे के कारण पुलिस को मौके से पीछे हटना पड़ा, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया है।
क्यों भड़का ग्रामीणों का गुस्सा और क्या हुई कार्रवाई?
जानकारी के मुताबिक, यह पूरा विवाद मुआवजे को लेकर शुरू हुआ था। जब पुलिस टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो मुआवजे की मांग को लेकर लोग आक्रोशित हो गए और उन्होंने पुलिस पर हमला कर दिया। घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 लोगों को गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में उन्हें PR बॉन्ड पर रिहा कर दिया गया। इस रिहाई के बाद पुलिस की कार्रवाई पर कई सवाल उठ रहे हैं।
बिहार में अतिक्रमण हटाने के नियम और सरकारी आदेश
बिहार सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से पूरे राज्य में अतिक्रमण हटाने का अभियान शुरू किया है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा था कि शहरी सौंदर्यीकरण के लिए यह जरूरी है, लेकिन गरीबों के पुनर्वास के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, बिहार पब्लिक लैंड एनक्रोचमेंट एक्ट 1956 के तहत सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों पर जुर्माना और जेल का प्रावधान है।
मोतिहारी में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल
मोतिहारी में हाल ही में एक और घटना हुई थी, जहां गिरफ्तारी के दौरान पुलिस टीम पर हमला हुआ था। उस मामले में SP स्वर्ण प्रभात ने जांच अधिकारी को लापरवाही और अनुशासनहीनता के लिए निलंबित कर दिया था। करमावा की घटना में भी पुलिस की तैयारी और सुरक्षा इंतजामों को लेकर चर्चा हो रही है क्योंकि टीम को अफरा-तफरी में पीछे हटना पड़ा।