Delhi, UP, Bihar, Rajasthan: इस साल मानसून का मिजाज कुछ बिगड़ा हुआ नजर आ रहा है। IMD की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में बारिश कम होने की संभावना है। इसका सीधा असर खेती-किस
Delhi, UP, Bihar, Rajasthan: इस साल मानसून का मिजाज कुछ बिगड़ा हुआ नजर आ रहा है। IMD की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में बारिश कम होने की संभावना है। इसका सीधा असर खेती-किसानी और खरीफ की फसलों पर पड़ सकता है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
मानसून की स्थिति और IMD का अनुमान क्या है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने साल 2026 के लिए सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है। विभाग के अनुसार इस बार औसत बारिश का केवल 90% ही होगा। El Niño के प्रभाव के कारण देश के कई हिस्सों में बारिश कम होने की 84% संभावना है। मानसून केरल में 4 जून को पहुंचा था, जो सामान्य से तीन दिन देरी से था। फिलहाल मानसून तमिलनाडु, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में सात दिनों से रुका हुआ है।
किन राज्यों में कब होगी बारिश और क्या है अलर्ट?
IMD ने अलग-अलग राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है। दिल्ली-NCR के लिए 11 जून को Orange Alert जारी किया गया था। उत्तर भारत और दिल्ली में मानसून के 25 से 30 जून के बीच पहुंचने की उम्मीद है। वहीं बिहार में 10 से 13 जून के बीच भारी बारिश का अनुमान है। ओडिशा और झारखंड में भी 11 से 13 जून तक तेज बारिश हो सकती है। छत्तीसगढ़ में अगले 3-4 दिनों में मानसून के पहुंचने की संभावना है।
खेती और फसलों पर क्या होगा असर?
कम बारिश की वजह से धान, कपास, सोयाबीन और दालों जैसी खरीफ फसलों की बुआई में देरी हो सकती है। Crisil Intelligence के मुताबिक देश के लगभग तीन-चौथाई खरीफ क्षेत्र में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। भारत की करीब 52% खेती बारिश पर निर्भर है, इसलिए सूखे की स्थिति से खाद्य सुरक्षा और फसलों की पैदावार घट सकती है। सरकार ने El Niño से प्रभावित होने वाले 197 जिलों की पहचान कर ली है और फसल नियोजन के लिए जरूरी इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
IMD ने इस साल कितनी बारिश का अनुमान लगाया है?
IMD ने 2026 के मानसून सीजन के लिए सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है, जो Long Period Average (LPA) का लगभग 90% रहने की उम्मीद है।
कम बारिश का किसानों पर क्या असर पड़ेगा?
बारिश कम होने से खरीफ फसलों जैसे धान और सोयाबीन की बुआई में देरी होगी, जिससे पैदावार घट सकती है और बाजार में दालों व सब्जियों के दाम बढ़ सकते हैं।