India: देश के 12 राज्यों में मानसून की एंट्री हो चुकी है, जिससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बारिश शुरू हो गई है और राजस्थान में ओले गिरे हैं। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अभी और गर्मी झेलनी पड़ सकती है क्योंकि
India: देश के 12 राज्यों में मानसून की एंट्री हो चुकी है, जिससे उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में बारिश शुरू हो गई है और राजस्थान में ओले गिरे हैं। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अभी और गर्मी झेलनी पड़ सकती है क्योंकि वहां लू चलने की आशंका है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अलग-अलग राज्यों के लिए मौसम का नया अपडेट जारी किया है।
किन राज्यों में कैसी रहेगी मौसम की स्थिति?
मानसून 4 जून 2026 को केरल पहुंचा और अब यह तेजी से आगे बढ़ रहा है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में अगले सात दिनों तक भारी बारिश की संभावना है। केरल के छह जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, जहां बाढ़ और भूस्खलन का खतरा है। वहीं, मध्य प्रदेश में 10 जून तक बिजली गिरने और तेज हवाओं का अनुमान है, जबकि छत्तीसगढ़ में 8 से 12 जून के बीच मौसम खराब रह सकता है।
Delhi-NCR और उत्तर भारत में लू का खतरा
मानसून के आने के बावजूद दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 8 से 11 जून के बीच लू चलने की पूरी संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में भी इसी दौरान भीषण गर्मी रहेगी। दिल्ली-एनसीआर में उमस और गर्मी काफी ज्यादा है, लेकिन 11 और 12 जून को हल्की बारिश से कुछ राहत मिल सकती है। दिल्ली में मानसून के पूरी तरह पहुंचने का अनुमान 25 से 30 जून 2026 के बीच लगाया गया है।
सावधानी और सरकारी चेतावनी
उत्तर प्रदेश सरकार ने लोगों को बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर सावधान रहने को कहा है। IMD ने चेतावनी दी है कि कच्चे घरों और कमजोर इमारतों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है। इस साल पूरे भारत में सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान है, जो कि औसत वर्षा का लगभग 90% रह सकती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
दिल्ली-एनसीआर में मानसून कब तक आएगा?
IMD के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में पूर्ण मानसून 25 से 30 जून, 2026 के बीच पहुंचने का अनुमान है, हालांकि 11-12 जून को छिटपुट बारिश से राहत मिल सकती है।
किन राज्यों में भारी बारिश का रेड अलर्ट है?
केरल और माहे में 9 जून 2026 तक रेड अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से इडुक्की, कासरगोड, कन्नूर, कोझीकोड, मलप्पुरम और वायनाड जिलों में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा है।