Maharashtra: मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) के लिए एक बड़ी खबर आई है। राज्य के शहरी विकास विभाग (UDD) ने MMRC को भारत और विदेशों में भारी इंजीनियरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंसल्टेंसी का काम करने की आधिकारिक मंजूरी दे द
Maharashtra: मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (MMRC) के लिए एक बड़ी खबर आई है। राज्य के शहरी विकास विभाग (UDD) ने MMRC को भारत और विदेशों में भारी इंजीनियरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और कंसल्टेंसी का काम करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह फैसला बुधवार, 29 अप्रैल 2026 को एक सरकारी प्रस्ताव (GR) के जरिए लिया गया है।
MMRC अब कौन-कौन से काम कर सकेगा?
अब MMRC केवल मेट्रो तक सीमित नहीं रहेगा। वह भारी सिविल प्रोजेक्ट्स जैसे कि टनल (सुरंग), स्टेशन, डिपो, पुल और अंडरग्राउंड स्ट्रक्चर बनाने का काम करेगा। इसके अलावा, मेट्रो रेल और शहरी परिवहन से जुड़ी कंसल्टेंसी और टर्नकी प्रोजेक्ट्स (EPC/D&B) की जिम्मेदारी भी अब MMRC संभाल सकेगा। यह काम वह सीधे तौर पर या कॉन्ट्रैक्ट के जरिए कर सकता है।
सरकार ने यह मंजूरी क्यों दी?
शहरी विकास विभाग का मानना है कि MMRC के पास मुश्किल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का अच्छा अनुभव और तकनीकी ताकत है। MMRC ने पहले ही 33.5 किलोमीटर लंबा पूरी तरह अंडरग्राउंड मेट्रो 3 कॉरिडोर पूरा किया है और अभी 17.5 किलोमीटर लंबी लाइन 11 पर काम कर रहा है। इसी काबिलियत को देखते हुए सरकार ने उन्हें यह मौका दिया है।
क्या इससे सरकारी खजाने पर असर पड़ेगा?
सरकार ने अपने प्रस्ताव में यह साफ कर दिया है कि इस नई मंजूरी से सरकार पर कोई आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। साथ ही, इस काम के लिए पैसों या काम के दायरे (Scope) की कोई सीमा तय नहीं की गई है, जिससे MMRC को अपनी क्षमता के अनुसार प्रोजेक्ट्स लेने की आजादी मिलेगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MMRC को कौन से नए काम करने की अनुमति मिली है?
MMRC अब भारत और विदेशों में टनल, स्टेशन, पुल और अंडरग्राउंड स्ट्रक्चर जैसे भारी इंजीनियरिंग काम और शहरी परिवहन से जुड़ी कंसल्टेंसी कर सकेगा।
क्या इस फैसले से सरकार पर कोई वित्तीय बोझ आएगा?
नहीं, शहरी विकास विभाग (UDD) के सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, इस नए अधिकार से सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।