MHA ने किया बड़ा फेरबदल, 61 IAS और IPS अफसरों के तबादले; Delhi को मिले सबसे ज्यादा अफसर

Delhi: गृह मंत्रालय (MHA) ने एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए AGMUT कैडर के 61 आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों का तबादला कर दिया है। यह आदेश गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को जारी किया गया और इसे तुरंत लागू कर दिया गया है।

Delhi: गृह मंत्रालय (MHA) ने एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए AGMUT कैडर के 61 आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) अधिकारियों का तबादला कर दिया है। यह आदेश गुरुवार, 9 जुलाई 2026 को जारी किया गया और इसे तुरंत लागू कर दिया गया है। इस फेरबदल का मुख्य मकसद सरकारी कामकाज को और बेहतर बनाना और प्रशासनिक क्षमता को बढ़ाना है।

इस बार के तबादलों में दिल्ली को सबसे ज्यादा नए अधिकारी मिले हैं। वहीं, दिल्ली में तैनात कई आईपीएस अधिकारियों को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गोवा, मिजोरम, लक्षद्वीप, पुडुचेरी और अरुणाचल प्रदेश भेज दिया गया है। यह पूरी प्रक्रिया 2010 के उन नियमों के तहत की गई है, जिसमें अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्रों और कठिन इलाकों में काम करने का अनुभव देना जरूरी होता है।

गृह मंत्रालय ने अधिकारियों की लिस्ट जारी की है, जिसमें 21 आईएएस और 40 आईपीएस अधिकारी शामिल हैं। कुछ प्रमुख तबादले इस प्रकार हैं:

अधिकारी का नाम कैडर/बैच कहाँ से कहाँ गए
Saugat Biswas IAS (2006) अरुणाचल प्रदेश जम्मू-कश्मीर
Mamta Yadav IAS (2021) Delhi जम्मू-कश्मीर
Ishita Rathi IAS (2022) पुडुचेरी जम्मू-कश्मीर
Shahid Iqbal Choudhary IAS (2009) जम्मू-कश्मीर अरुणाचल प्रदेश
Swati Sheemar IAS (2023) जम्मू-कश्मीर Delhi
Vivek Pandey IAS (2003) अरुणाचल प्रदेश Delhi
Garima Gupta IAS (2004) मिजोरम Delhi
Sanjay Goel IAS (2004) गोवा अरुणाचल प्रदेश
Vishnu Kumar IPS (2019) Delhi जम्मू-कश्मीर
Arshi Aadil IPS (2019) गोवा जम्मू-कश्मीर
Tikam Singh Verma IPS (2020) गोवा जम्मू-कश्मीर
K M Priyanka IPS (2021) चंडीगढ़ जम्मू-कश्मीर
Rajesh Kumar Sharma IPS (2014) जम्मू-कश्मीर चंडीगढ़
Tanushree IPS (2017) जम्मू-कश्मीर Delhi
Deepika IPS (2018) जम्मू-कश्मीर पुडुचेरी
Gaurav Sikarwar IPS (2019) जम्मू-कश्मीर गोवा
Vivek Kishore IPS (1999) अरुणाचल प्रदेश Delhi

इसके अलावा, जून 2026 में एक नया नियम भी लाया गया था। अब रिटायर होने वाले AGMUT कैडर के आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की पेंशन से जुड़ी रकम जारी करने से पहले गृह मंत्रालय से विजिलेंस क्लियरेंस लेना जरूरी होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि अधिकारी के कार्यकाल के दौरान कोई जांच लंबित तो नहीं है।