Lucknow के Medanta अस्पताल ने पूरे किए 400 किडनी ट्रांसप्लांट, रोबोटिक सर्जरी से डायलिसिस मरीज को मिला नया जीवन
Lucknow: मेदांता लखनऊ ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल ने 16 जून, 2026 को अपना 400वां किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक पूरा किया। इस खास मौके पर एक ऐसे मरीज को नई जिंदगी मिली है जो लंबे समय
Lucknow: मेदांता लखनऊ ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल ने 16 जून, 2026 को अपना 400वां किडनी ट्रांसप्लांट सफलतापूर्वक पूरा किया। इस खास मौके पर एक ऐसे मरीज को नई जिंदगी मिली है जो लंबे समय से गंभीर किडनी रोग के कारण डायलिसिस पर निर्भर था और उसकी हालत लगातार बिगड़ रही थी।
इस सर्जरी में आधुनिक रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया। नेफ्रोलॉजी और किडनी ट्रांसप्लांट मेडिसिन के निदेशक डॉ. आर.के. शर्मा ने इस सफलता पर खुशी जताई और कहा कि यह मरीजों के भरोसे और सही देखभाल का नतीजा है। वहीं चिकित्सा निदेशक डॉ. राकेश कपूर ने बताया कि अस्पताल मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए नई तकनीक का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।
रोबोटिक सर्जन डॉ. मनमीत सिंह ने बताया कि रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट के कई फायदे होते हैं। इसमें शरीर पर छोटा चीरा लगता है, खून कम बहता है और मरीज बहुत जल्दी रिकवर हो जाता है। इससे संक्रमण का खतरा भी कम रहता है। जानकारी के मुताबिक, जून 2025 तक मेदांता की टीम लगभग 300 रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट कर चुकी थी।
मेदांता लखनऊ में किडनी ट्रांसप्लांट यूनिट की शुरुआत साल 2020 में हुई थी। इसके बाद अस्पताल ने तेजी से तरक्की की, जहां 1 सितंबर 2022 को 101 और 14 मार्च 2024 को 200 सफल ट्रांसप्लांट का आंकड़ा पार किया गया था।
अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए कड़े नियमों का पालन किया जाता है। इसमें मरीज की पूरी जांच, इमेजिंग और टिश्यू टाइपिंग जैसे टेस्ट किए जाते हैं। मेदांता में ABO इनकंपैटिबल यानी अलग ब्लड ग्रुप वाले मरीजों का भी किडनी ट्रांसप्लांट किया जा सकता है।