Delhi में MCD का अवैध निर्माण पर बड़ा एक्शन, 14 प्रॉपर्टीज ढहाईं और एक को किया सील

Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। ताजा कार्रवाई के दौरान MCD ने नियमों की धज्जियां उड़ाकर बनाए गए 14 अवैध निर्माणों को ढहा दिया। इसके साथ ही एक प्रॉपर्टी को सील किया ग

Delhi: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शहर में अवैध निर्माण के खिलाफ अपनी मुहिम तेज कर दी है। ताजा कार्रवाई के दौरान MCD ने नियमों की धज्जियां उड़ाकर बनाए गए 14 अवैध निर्माणों को ढहा दिया। इसके साथ ही एक प्रॉपर्टी को सील किया गया है। निगम ने 16 प्रॉपर्टी मालिकों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है, जिसमें उनसे जवाब मांगा गया है कि क्यों उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई न की जाए।

यह पूरी कार्रवाई दिल्ली नगर निगम अधिनियम और बिल्डिंग बाय-लॉज के तहत की गई है। MCD अधिकारियों का कहना है कि अवैध निर्माण न केवल कानून के खिलाफ है, बल्कि इससे सुरक्षा का खतरा भी बढ़ता है और शहर की प्लानिंग खराब होती है। निगम ने आम लोगों से अपील की है कि वे कोई भी निर्माण शुरू करने से पहले जरूरी अनुमति जरूर लें।

इस सख्ती के पीछे हाल ही में हुए हादसे भी एक बड़ी वजह हैं। 30 मई 2026 को साकेत के सैदुलाजब में एक बहुमंजिला कमर्शियल बिल्डिंग गिरने से 6 लोगों की जान चली गई थी। इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच रिपोर्ट में MCD को मुख्य रूप से जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि अधिकारियों ने बिल्डिंग बाय-लॉज लागू करने में लापरवाही बरती और जांच को गुमराह करने के लिए रिकॉर्ड तक बदले।

सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में कड़ी चेतावनी दी है और कहा है कि अवैध निर्माण को रोकने में नाकाम रहने वाले अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी। कोर्ट ने IIT दिल्ली के प्रोफेसरों और MCD अधिकारियों की एक टीम को साकेत, लाजपत नगर और सरोजिनी नगर जैसे इलाकों का निरीक्षण करने का आदेश दिया है।

MCD की इस मुहिम के आंकड़े बताते हैं कि 1 जून 2026 से अब तक कुल 681 अवैध प्रॉपर्टीज को ढहाया गया है और 398 को सील किया गया है। इसके अलावा, करोल बाग जोन में भी रिहायशी संपत्तियों के गलत इस्तेमाल और अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान चलाकर 11 प्रॉपर्टीज सील की गईं।