UP: लखनऊ के शिक्षाविद् और सामाजिक विचारक मौलाना सज्जाद नोमानी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि इस तरह की घटनाओं से लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य
UP: लखनऊ के शिक्षाविद् और सामाजिक विचारक मौलाना सज्जाद नोमानी ने प्रतियोगी परीक्षाओं में हो रहे पेपर लीक पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि इस तरह की घटनाओं से लाखों मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। नोमानी ने इस पूरे मामले को देश की शिक्षा व्यवस्था के साथ एक बड़ा अन्याय बताया है।
पेपर लीक पर मौलाना नोमानी ने क्या कहा?
मौलाना सज्जाद नोमानी ने कहा कि देश के लाखों युवा दिन-रात मेहनत करके परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उनके माता-पिता अपनी तंगी के बावजूद बच्चों की पढ़ाई पर पैसा खर्च करते हैं ताकि उनका भविष्य सुधर सके। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की कि इस घोटाले में शामिल भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, वरना युवाओं का भरोसा सिस्टम से उठ जाएगा। साथ ही उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे निराश होकर किसी गलत रास्ते या नशे की ओर न जाएं।
NTA ने पेपर लीक रोकने के लिए क्या कदम उठाए?
National Testing Agency (NTA) ने पेपर सेटिंग की प्रक्रिया में बदलाव के संकेत दिए हैं। अब विशेषज्ञों को यह नहीं बताया जाएगा कि वे किस परीक्षा का पेपर तैयार कर रहे हैं। साथ ही, अनुवाद के काम में 85% तक Artificial Intelligence (AI) का इस्तेमाल करने की योजना है। हालांकि, NTA ने 6 जून 2026 को री-नीट यूजी पेपर लीक के दावों को फर्जी बताया और छात्रों को ठगों से सावधान रहने की सलाह दी है।
दोषियों पर क्या होगी कार्रवाई और अब तक क्या हुआ?
भारत सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए लोक परीक्षा अधिनियम 2024 लागू किया है। इसके तहत दोषियों को 1 से 10 साल तक की जेल और 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इस मामले में CBI ने अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें कुछ प्रोफेसर भी शामिल हैं। वहीं कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी इस मुद्दे पर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
पेपर लीक करने वालों को अब कितनी सजा हो सकती है?
लोक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत दोषियों को 1 से 10 साल तक की कैद और 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना देना पड़ सकता है।
NTA पेपर लीक रोकने के लिए क्या नया बदलाव कर रही है?
NTA अब पेपर सेट करने वाले विशेषज्ञों को परीक्षा का नाम नहीं बताएगी और अनुवाद प्रक्रिया में 85% तक AI का उपयोग करेगी।