UP: मथुरा में पूर्ति विभाग और पुलिस ने मिलकर राशन की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ा है। अधिकारियों ने बरेली-जयपुर हाईवे और सदर बाजार इलाके में छापेमारी कर कुल 565 कट्टे सरकारी चावल बरामद किए हैं। यह चावल गरी
UP: मथुरा में पूर्ति विभाग और पुलिस ने मिलकर राशन की कालाबाजारी करने वाले एक बड़े गिरोह को पकड़ा है। अधिकारियों ने बरेली-जयपुर हाईवे और सदर बाजार इलाके में छापेमारी कर कुल 565 कट्टे सरकारी चावल बरामद किए हैं। यह चावल गरीबों के लिए था, जिसे ऊंचे दामों पर बेचने की तैयारी थी।
हाईवे पर पकड़ा गया दिल्ली जा रहा ट्रक
राया पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक ट्रक को रोका, जिसमें तिरपाल के नीचे 465 प्लास्टिक की बोरियां छिपाई गई थीं। इन बोरियों में करीब 50 से 55 किलो फोर्टिफाइड चावल भरा था। ट्रक चालक बनै सिंह ने बताया कि वह इस राशन को हाथरस से लोड कर दिल्ली ले जा रहा था। इस मामले में हाथरस के संजू लाला और लक्ष्मण वर्मा के नाम भी सामने आए हैं, जिनके खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है।
सदर बाजार में उचित दर विक्रेता की मिलीभगत
एक अन्य कार्रवाई में सदर बाजार क्षेत्र से 100 कट्टे चावल बरामद हुए। जांच में पता चला कि यह चावल उचित दर विक्रेता गुलफाम की दुकान से निकाला गया था। इसे बाजार में महंगे दामों पर बेचने के लिए ले जाया जा रहा था। पूर्ति निरीक्षक पवन कुमार ने विक्रेता गुलफाम, चालक सौरभ और बिचौलिए राजू के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।
अधिकारियों ने क्या कहा
जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) संजीव कुमार सिंह ने बताया कि राशन की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने अपने सभी अधीनस्थों को क्षेत्रों का बारीकी से निरीक्षण करने और सूचना तंत्र को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। जब्त किए गए चावल को उचित दर विक्रेता देवेंद्र कुमार जोशी की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मथुरा में कुल कितना सरकारी चावल बरामद हुआ है?
पूर्ति विभाग और पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में कुल 565 कट्टे सरकारी चावल बरामद किए हैं, जिसमें से 465 कट्टे हाईवे पर ट्रक से और 100 कट्टे सदर बाजार क्षेत्र से पकड़े गए।
इस मामले में किन धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है?
राशन की कालाबाजारी और बिना वैध दस्तावेजों के परिवहन के कारण आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।