Mathura में होटल सुरक्षा मानकों पर प्रशासन सख्त, लखनऊ अग्निकांड के बाद वृंदावन में हुई बड़ी बैठक
Mathura: लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद अब मथुरा और वृंदावन के होटल संचालकों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। प्रशासन ने सुरक्षा मानकों को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। इसी सिलसिले में 22 जुलाई 2026 को दोपहर 3 बजे वृंदावन के टू
Mathura: लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद अब मथुरा और वृंदावन के होटल संचालकों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। प्रशासन ने सुरक्षा मानकों को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। इसी सिलसिले में 22 जुलाई 2026 को दोपहर 3 बजे वृंदावन के टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर (TFC) में एक अहम बैठक हुई, जिसमें सिटी मजिस्ट्रेट अनुपम मिश्रा समेत कई विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट ने साफ़ तौर पर कहा कि होटल, गेस्ट हाउस और अन्य कमर्शियल दुकानों में सुरक्षा नियमों का पालन करना अब अनिवार्य है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जिस भी संस्थान के पास वैध अनुमति और फायर एनओसी (NOC) नहीं होगी, उसे चलाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण (MVDA) के सचिव ने बताया कि बिना मंजूरी के बने भवनों पर सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि बेसमेंट का इस्तेमाल सिर्फ पार्किंग या गोदाम के लिए होगा, वहां कोई शोरूम, लाइब्रेरी या नर्सिंग होम नहीं चल सकेगा।
होटल संचालकों की परेशानी को कम करने के लिए व्यापार मंडल ने सिंगल विंडो सिस्टम लागू करने का सुझाव दिया था, जिस पर सिटी मजिस्ट्रेट ने अपनी सहमति दे दी है। इससे संचालकों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बैठक में उन लोगों को प्राथमिकता दी गई जिनके होटल पहले ही सील हो चुके हैं, ताकि वे नियमों को पूरा कर अपनी सील खुलवा सकें।
बता दें कि जून 2026 में चलाए गए अभियान के दौरान मथुरा में 17 होटल और 3 कोचिंग सेंटर, जबकि वृंदावन में 19 होटल और रेस्टोरेंट सील किए गए थे। जांच में कई होटल ऐसे मिले जहां ग्राहकों की आईडी नहीं थी और कुछ कमरों को शॉर्ट टाइम के लिए दिया जा रहा था, जिसके बाद करीब 30-35 संचालकों को नोटिस जारी किए गए। इसी बीच 21 जुलाई को होटल और गेस्ट हाउस संचालकों के हितों के लिए एक नई एसोसिएशन बनाई गई है, जिसमें अशोक बंसल को संस्थापक अध्यक्ष और अंशु गौरम को अध्यक्ष चुना गया है।