Masourhi में बारिश की कमी से खेतों में सूखा, धान समेत खरीफ फसलों को भारी नुकसान
Bihar/Masourhi: मसौढ़ी में पर्याप्त बारिश न होने की वजह से खेतों में सूखे की स्थिति बन गई है। इससे किसान काफी परेशान हैं क्योंकि धान और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुँच रहा है। सावन का महीना होने के बावजूद बारिश की कमी ने
Bihar/Masourhi: मसौढ़ी में पर्याप्त बारिश न होने की वजह से खेतों में सूखे की स्थिति बन गई है। इससे किसान काफी परेशान हैं क्योंकि धान और अन्य खरीफ फसलों को नुकसान पहुँच रहा है। सावन का महीना होने के बावजूद बारिश की कमी ने खेती और पानी के संकट को और गहरा कर दिया है।
बिहार की स्थिति काफी चिंताजनक है और 13 अगस्त 2026 तक राज्य की 26 नदियाँ पूरी तरह सूखी हुई हैं। पटना में दरधा और कररूआ नदी के साथ-साथ नालंदा की कई छोटी नदियाँ जैसे लौकाईन, मोहाने और नोनई पूरी तरह सूख चुकी हैं। इस वजह से धान की रोपनी सही तरीके से नहीं हो पाई है और किसान अब डीजल या बिजली के पंप से पानी निकालने को मजबूर हैं। पानी की कमी का असर पशुओं पर भी पड़ा है, जिससे हरे चारे की किल्लत हो गई है और दूध उत्पादन में गिरावट आई है।
मौसम विभाग और सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 5 जुलाई 2026 तक बिहार में औसत बारिश में 52% की कमी देखी गई। राज्य में अब तक 207.3 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 98.5 मिमी ही हुई है। इस वजह से अब तक केवल 4% धान की ही रोपनी हो पाई है। सुपर अल नीनो के प्रभाव के कारण अगस्त और सितंबर में जब फसलें पकने वाली होंगी, तब पानी की कमी से सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका है।
सरकार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा ने बताया कि सरकार सभी जिलों से रिपोर्ट मंगवा रही है ताकि जरूरी कदम उठाए जा सकें। जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इसे अल नीनो का असर बताया है। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे ऐसी किस्में चुनें जो कम पानी में टिक सकें और अरहर, उड़द, मूंग जैसी वैकल्पिक फसलें लगाने पर विचार करें।
नुकसान की भरपाई के लिए बिहार राज्य फसल सहायता योजना और फसल बीमा योजना की व्यवस्था है। केसीसी ऋण लेने वाले किसान बीमा के दायरे में आते हैं। उन्हें नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर बीमा कंपनी, बैंक या कृषि अधिकारी को देनी होगी। कृषि मंत्री रामकृपाल यादव के अनुसार, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान का सर्वे भी 36 जिलों में कराया जा रहा है।