Maharashtra: मुंबई में मंगलवार को मराठा समुदाय के लोगों ने कैबिनेट मंत्री Radhakrishna Vikhe Patil के सरकारी आवास के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता Manoj J
Maharashtra: मुंबई में मंगलवार को मराठा समुदाय के लोगों ने कैबिनेट मंत्री Radhakrishna Vikhe Patil के सरकारी आवास के बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार ने मराठा आरक्षण कार्यकर्ता Manoj Jarange-Patil से किए गए वादों को पूरा नहीं किया है। मुख्य रूप से कुनबी सर्टिफिकेट जारी करने की धीमी प्रक्रिया को लेकर लोगों में काफी गुस्सा देखा गया।
प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?
प्रदर्शन में शामिल Ramesh Kere ने बताया कि सरकार के नए GR के मुताबिक केवल वही लोग सर्टिफिकेट पा सकते हैं जिनके पास 1967 से पहले के दस्तावेज़ हैं जिनमें ‘कुनबी’ शब्द लिखा हो। जबकि कार्यकर्ताओं की मांग है कि मराठवाड़ा क्षेत्र के सभी मराठा समुदाय के सदस्यों को कुनबी सर्टिफिकेट दिए जाएं। संजय लाखे पाटिल ने भी आरोप लगाया कि सरकार पुरानी नीतियों को ही नए नाम से पेश कर रही है।
अब तक सरकार ने क्या कदम उठाए हैं?
महाराष्ट्र सरकार ने 6 जून को एक GR जारी किया था, जिसमें मराठा छात्रों को OBC की तरह शैक्षिक लाभ देने की बात कही गई थी। इससे पहले 31 मई को सरकार ने 12 सूत्रीय प्रस्ताव पेश किया था, जिसमें 58 लाख रिकॉर्ड्स के आधार पर कुनबी सर्टिफिकेट जारी करने और मृत प्रदर्शनकारियों के परिवारों को आर्थिक मदद देने का वादा किया था। Justice Shinde Committee की समय सीमा भी 30 जून 2027 तक बढ़ा दी गई है।
विवाद की असली वजह क्या है?
मराठा समुदाय का एक बड़ा हिस्सा चाहता है कि उन्हें सीधे तौर पर हैदराबाद गजट के प्रावधानों के तहत OBC मान्यता मिले। मनोज जरांगे-पाटिल ने 30 मई से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी, जिसे बाद में सरकार के प्रस्ताव के बाद खत्म किया गया। हालांकि, अब प्रदर्शनकारियों का मानना है कि जमीन पर काम बहुत धीमा है और वादे केवल कागजों तक सीमित हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मराठा प्रदर्शनकारी मंत्री के घर के बाहर क्यों जमा हुए?
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार ने मनोज जरांगे-पाटिल से कुनबी सर्टिफिकेट जारी करने और अन्य आरक्षण संबंधी वादे किए थे, जिन्हें अब ठीक से लागू नहीं किया जा रहा है।
कुनबी सर्टिफिकेट को लेकर विवाद क्या है?
सरकार केवल 1967 से पहले के दस्तावेज़ों के आधार पर सर्टिफिकेट दे रही है, जबकि प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि मराठवाड़ा के सभी मराठा समुदाय के लोगों को यह लाभ मिले।