Lucknow और Kanpur में बढ़ा पुरुष एस्कॉर्ट्स का चलन, एक रात की कमाई 50 हजार रुपये तक
UP: लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में मेल एस्कॉर्ट या जिगोलो का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। इस काम में शामिल पुरुष बताते हैं कि उनकी क्लाइंट्स ज्यादातर एलीट क्लास की महिलाएं होती हैं। इस काम में कमाई तो काफी ज्यादा है, लेकिन इसक
UP: लखनऊ और कानपुर जैसे शहरों में मेल एस्कॉर्ट या जिगोलो का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। इस काम में शामिल पुरुष बताते हैं कि उनकी क्लाइंट्स ज्यादातर एलीट क्लास की महिलाएं होती हैं। इस काम में कमाई तो काफी ज्यादा है, लेकिन इसके साथ मानसिक प्रताड़ना और जलील होने जैसे अनुभव भी जुड़ें हैं।
इस कारोबार की सच्चाई यह है कि कुछ पुरुष एक रात के लिए 50 हजार रुपये तक कमा रहे हैं। हालांकि, यह पूरी दुनिया काफी गुप्त तरीके से चलती है। भारत में देह व्यापार को लेकर कानूनी स्थिति काफी उलझी हुई है। अनैतिक देह व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956 के तहत वेश्यालय चलाना, दलाली करना या किसी को इस काम के लिए मजबूर करना अपराध है।
सुप्रीम कोर्ट ने 2022 में एक फैसला सुनाया था जिसमें कहा गया था कि सेक्स वर्कर सम्मान और अनुच्छेद 21 के तहत अधिकारों के हकदार हैं। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया था कि सहमति से काम करने वाले वयस्क सेक्स वर्कर्स को परेशान न किया जाए, लेकिन वेश्यालय चलाने वालों पर कार्रवाई जारी रहेगी। पुरुष एस्कॉर्ट सेवाओं के लिए भारत में कोई खास नियम नहीं हैं, जिससे यह काम कानूनी और अवैध के बीच की धुंधली स्थिति में रहता है।
इस क्षेत्र में कई फर्जी एजेंसियां भी सक्रिय हैं। दिल्ली पुलिस ने 2022 में एक ऐसे ही फर्जी रैकेट का खुलासा किया था, जहां एक एस्कॉर्ट को किडनैप कर हापुड़ में फिरौती के लिए रखा गया था। सरकार ने इस तरह की सेवाओं को रोकने के लिए 240 एस्कॉर्ट वेबसाइटों पर बैन भी लगाया था, लेकिन इसका असर सीमित रहा।