Lucknow में मेजर ए.के. सिंह ने सुनाई अपनी कहानी, एक पैर गंवाने के बाद भी नाविक बनकर किया था दुनिया का चक्कर
Lucknow: गोमतीनगर के एक होटल में क्लब ऑफ लखनऊ द्वारा एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नाम ‘ए ट्रैवलॉग: अराउंड द वर्ल्ड सेलिंग इन ए बोट’ था। यहाँ मेजर ए.के. सिंह (सेवानिवृत्त) ने लोगों को अप
Lucknow: गोमतीनगर के एक होटल में क्लब ऑफ लखनऊ द्वारा एक खास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नाम ‘ए ट्रैवलॉग: अराउंड द वर्ल्ड सेलिंग इन ए बोट’ था। यहाँ मेजर ए.के. सिंह (सेवानिवृत्त) ने लोगों को अपनी उस रोमांचक समुद्री यात्रा के बारे में बताया, जिसने दुनिया को हैरान कर दिया था।
मेजर सिंह की यह कहानी सिर्फ समुद्र की लहरों से लड़ने की नहीं, बल्कि अपनी जिद और हौसले को जिंदा रखने की है। उन्होंने बताया कि कैसे एक हादसे में अपना बायाँ पैर गंवाने के बाद भी उन्होंने दुनिया की परिक्रमा करने का सपना नहीं छोड़ा। उन्होंने 1978 में ही इस यात्रा की योजना बना ली थी, लेकिन उस समय उनके पास पैसों और जरूरी सामान की कमी थी।
अपनी शारीरिक चुनौती के बावजूद मेजर सिंह ने हार नहीं मानी और 1985 से 1987 के बीच अपनी यात्रा पूरी की। लगभग 15.5 महीनों के इस सफर में उन्होंने 50,000 किलोमीटर की दूरी तय की और पूरी दुनिया का चक्कर लगाया।
इस चर्चा के दौरान क्लब ऑफ लखनऊ के अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, पूर्व मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय और सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति विष्णु सहाय भी मौजूद रहे। सभी ने मेजर सिंह के साहस और उनके अनुभवों को सुना।