Maharashtra: शिवसेना (UBT) की नेता सुषमा अंधारे और कॉमेडियन Kunal Kamra मुश्किलों में हैं। महाराष्ट्र विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति ने दोनों को तलब किया था, जिसमें सुषमा अंधारे 11 मई 2026 को पेश हुईं। यह पूरा विवाद मु
Maharashtra: शिवसेना (UBT) की नेता सुषमा अंधारे और कॉमेडियन Kunal Kamra मुश्किलों में हैं। महाराष्ट्र विधान परिषद की विशेषाधिकार समिति ने दोनों को तलब किया था, जिसमें सुषमा अंधारे 11 मई 2026 को पेश हुईं। यह पूरा विवाद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ की गई टिप्पणियों और सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ था, जिसके बाद बीजेपी एमएलसी प्रवीण दरेकर ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था।
सुषमा अंधारे और कुणाल कामरा ने माफी क्यों नहीं मांगी?
सुषमा अंधारे ने समिति को बताया कि उन्होंने कुणाल कामरा का समर्थन केवल कलात्मक स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आजादी को बचाने के लिए किया था। उन्होंने साफ कहा कि भारतीय संविधान सबको बोलने की आजादी देता है और कलाकारों के हक के लिए लड़ना उनका कर्तव्य है। वहीं कुणाल कामरा ने भी बिना शर्त माफी मांगने से इनकार कर दिया। कामरा का कहना था कि ऐसी माफी दिखावा होगी और इससे भविष्य में कलाकारों की आजादी पर बुरा असर पड़ेगा।
विशेषाधिकार समिति का क्या कहना है?
समिति के अध्यक्ष प्रसाद लाड ने कहा कि जहां अंधारे संविधान के अनुच्छेद 3 और 19 का हवाला दे रही हैं, वहीं संविधान एकनाथ शिंदे और विधानमंडल की गरिमा की रक्षा भी करता है। समिति अब इस मामले में कानूनी विशेषज्ञों और न्याय विभाग से सलाह लेगी। इस पूरी जांच की रिपोर्ट आने वाले मानसून सत्र के दौरान पेश की जाएगी।
यह पूरा विवाद शुरू कैसे हुआ?
इस विवाद की जड़ जून 2022 में एकनाथ शिंदे द्वारा उद्धव ठाकरे के खिलाफ किए गए विद्रोह और शिवसेना में फूट से जुड़ी है। कुणाल कामरा ने ऑनलाइन कुछ व्यंग्यात्मक कंटेंट पोस्ट किया था, जिसका सुषमा अंधारे ने समर्थन किया। बीजेपी एमएलसी प्रवीण दरेकर का आरोप है कि इन टिप्पणियों के जरिए एकनाथ शिंदे जैसे लोकप्रिय नेता और सदन का अपमान किया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सुषमा अंधारे ने समिति के सामने क्या दलील दी?
सुषमा अंधारे ने कहा कि उनके सोशल मीडिया पोस्ट उन लोगों के खिलाफ थे जिन्होंने कार्यक्रम स्थल पर तोड़फोड़ की थी, न कि सीधे तौर पर मुख्यमंत्री या सदन के खिलाफ। उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
विशेषाधिकार समिति अब आगे क्या करेगी?
समिति के अध्यक्ष प्रसाद लाड के अनुसार, वे कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेंगे और मानसून सत्र के दौरान अपनी अंतिम रिपोर्ट पेश करेंगे।