Maharashtra में स्कूल खुले लेकिन 13 लाख छात्रों के पास नहीं हैं किताबें, NEP 2020 के कारण बदला सिलेबस
Maharashtra: राज्य में आज से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई और स्कूल खुल गए हैं, लेकिन करीब 13 लाख छात्रों के लिए यह शुरुआत मुश्किल भरी रही। कई छात्र बिना किताबों के ही स्कूल पहुंचे हैं, जिससे पढ़ाई शुरू करने में दिक्क
Maharashtra: राज्य में आज से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई और स्कूल खुल गए हैं, लेकिन करीब 13 लाख छात्रों के लिए यह शुरुआत मुश्किल भरी रही। कई छात्र बिना किताबों के ही स्कूल पहुंचे हैं, जिससे पढ़ाई शुरू करने में दिक्कत आ रही है। स्टेट बोर्ड के रजिस्ट्रेशन पोर्टल के मुताबिक, बड़ी संख्या में छात्र इस समस्या से प्रभावित हैं।
दरअसल, नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत कक्षा 2, 3, 4 और 6 के लिए नया सिलेबस लागू किया गया है। इसी वजह से किताबों की छपाई और वितरण में देरी हुई है। खासकर कक्षा 3 और 4 की अंग्रेजी और गणित की किताबें और कक्षा 6 की लगभग सभी किताबें (हिंदी को छोड़कर) अभी तक नहीं पहुंची हैं। सरकार ने कक्षा 6 के लिए नया करिकुलम फ्रेमवर्क 10 जून 2026 को मंजूरी दी थी।
किताबों की कमी को देखते हुए SCERT ने स्कूलों को ‘सेतु बुक्स’ यानी ब्रिज-कोर्स बुकलेट्स का इस्तेमाल करने की सलाह दी है, ताकि बच्चे तब तक पढ़ाई कर सकें जब तक असली किताबें नहीं आ जातीं। बालभारती की डायरेक्टर अनुराधा ओक ने बताया कि करीब 78% किताबों का वितरण हो चुका है और कक्षा 6 की मराठी माध्यम की किताबों की छपाई पूरी हो गई है, जिन्हें बांटा जा रहा है।
किताबों के आने की संभावित समय सीमा इस प्रकार है:
| किताबों का प्रकार/माध्यम | संभावित तारीख |
|---|---|
| मराठी माध्यम (बची हुई 60%) | एक हफ्ते के भीतर |
| अन्य माध्यम की किताबें | 30 जून 2026 तक |
इस देरी पर शिक्षक सेना महाराष्ट्र के कार्यकारी अध्यक्ष जालंधर सरोदे ने कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था की त्रासदी बताया कि बच्चों को पहले स्कूल भेज दिया गया और अब वे अनिश्चित काल तक किताबों का इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि कक्षा 5, 7, 9 और 11 के लिए पुरानी किताबें इस साल आखिरी बार इस्तेमाल होंगी।