Maharashtra: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में भारत का पहला अंडरवॉटर म्यूजियम और सबमरीन टूरिज्म प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। यह प्रोजेक्ट मुंबई से करीब 500 किलोमीटर दूर निवती रॉक फॉर्मेशन के पास समुद्र के अंदर बनाया जा
Maharashtra: महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में भारत का पहला अंडरवॉटर म्यूजियम और सबमरीन टूरिज्म प्रोजेक्ट शुरू होने जा रहा है। यह प्रोजेक्ट मुंबई से करीब 500 किलोमीटर दूर निवती रॉक फॉर्मेशन के पास समुद्र के अंदर बनाया जा रहा है। इस पहल से कोंकण इलाके में एडवेंचर और समुद्री पर्यटन को काफी बढ़ावा मिलेगा।
इस प्रोजेक्ट में क्या खास होगा और कैसे काम करेगा
इस म्यूजियम के लिए भारतीय नौसेना के पुराने युद्धपोत Ex-INS Guldar का इस्तेमाल किया गया है। इसे 18 या 19 मई 2026 को करीब 22 मीटर की गहराई में डुबोया गया। यह जहाज 39 साल तक सेवा देने के बाद जनवरी 2024 में रिटायर हुआ था। अब यह समुद्र के अंदर एक आर्टिफिशियल रीफ के रूप में विकसित होगा। पर्यटकों के लिए यहाँ गाइडेड रेक डाइविंग, स्कूबा डाइविंग और अंडरवॉटर फोटोग्राफी जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
सबमरीन की सुविधा और सरकारी बजट
MTDC के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश आर. गटने (IAS) ने बताया कि यहाँ 24 सीटों वाली एक सबमरीन सुविधा तैयार की जा रही है। यह सबमरीन मई 2026 से करीब डेढ़ साल के अंदर चालू होने की उम्मीद है, जिससे आम लोग भी आसानी से समुद्र की गहराई देख पाएंगे। केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए 46.91 करोड़ रुपये की मदद दी है, जबकि महाराष्ट्र सरकार ने दिसंबर 2025 में इसके लिए 112.46 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी थी।
पर्यावरण और स्थानीय लोगों पर असर
सिंधुदुर्ग कलेक्टर तृप्ति ढोमसे के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और पर्यटन उद्योग को नई दिशा मिलेगी। महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड और CSIR-राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान की स्टडी में पाया गया कि इस जगह पर कोई प्राकृतिक कोरल रीफ नहीं हैं, इसलिए पर्यावरण को कोई नुकसान नहीं होगा। जहाज को डुबोने से पहले उसकी पूरी तरह सफाई और ट्रीटमेंट किया गया था ताकि समुद्री जीवन सुरक्षित रहे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अंडरवॉटर म्यूजियम कहाँ स्थित है और वहाँ कैसे जा सकते हैं?
यह म्यूजियम महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में निवती रॉक फॉर्मेशन के पास समुद्र के अंदर स्थित है। पर्यटक यहाँ सबमरीन या स्कूबा डाइविंग के जरिए जा सकेंगे, जिसकी बुकिंग की जानकारी MTDC जल्द ही जारी करेगा।
Ex-INS Guldar क्या है और इसे क्यों डुबोया गया?
Ex-INS Guldar भारतीय नौसेना का एक युद्धपोत था जो 39 साल की सेवा के बाद रिटायर हो गया। इसे पर्यावरण उपचार के बाद समुद्र में डुबोया गया है ताकि यह एक अंडरवॉटर म्यूजियम और कृत्रिम चट्टान (Artificial Reef) के रूप में काम करे।