Maharashtra: शिव सेना (UBT) सांसद Omraje Nimbalkar की दुविधा, पिता के मर्डर केस के फैसले पर टिकी पार्टी की किस्मत
Maharashtra: शिव सेना (UBT) के सांसद Omraje Nimbalkar इन दिनों बड़ी मुश्किल में फंसे हैं। एक तरफ पार्टी में बगावत का दौर चल रहा है और दूसरी तरफ उनके पिता Pawanraje Nimbalkar के 2006 के मर्डर केस का फैसला आने वाला है। सां
Maharashtra: शिव सेना (UBT) के सांसद Omraje Nimbalkar इन दिनों बड़ी मुश्किल में फंसे हैं। एक तरफ पार्टी में बगावत का दौर चल रहा है और दूसरी तरफ उनके पिता Pawanraje Nimbalkar के 2006 के मर्डर केस का फैसला आने वाला है। सांसद ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि वह उद्धव ठाकरे के साथ रहेंगे या एकनाथ शिंदे की पार्टी में शामिल होंगे।
मुंबई की एक स्पेशल CBI कोर्ट 20 जून 2026 को इस मर्डर केस का फैसला सुनाएगी। पहले यह फैसला 17 जून को आना था, लेकिन जज सत्यनारायण नवंदर को समय चाहिए था, इसलिए इसे आगे बढ़ा दिया गया। 3 जून 2006 को कांग्रेस नेता Pawanraje Nimbalkar और उनके ड्राइवर की Navi Mumbai के कलंबोली के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में मुख्य आरोपी पूर्व NCP सांसद और पूर्व गृह मंत्री Padamsinh Patil हैं, जो मृतक के चचेरे भाई भी थे।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि Omraje Nimbalkar और पांच अन्य सांसद संजय जाधव, भाऊसाहेब वाकचौरे, संजय देशमुख, नागेश पाटिल और संजय दीना पाटिल बगावत कर रहे हैं। इन सभी ने 18 जून को उद्धव ठाकरे की संसदीय दल की बैठक में हिस्सा नहीं लिया। संजय राउत ने आरोप लगाया है कि Omraje Nimbalkar को पार्टी बदलने के बदले मर्डर केस में ‘फायदेमंद फैसले’ का लालच दिया गया है, हालांकि इसका कोई सबूत नहीं दिया गया है।
शिव सेना (UBT) ने इन छह सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और सात दिन के भीतर जवाब मांगा है, वरना उन पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। खबर है कि इन सांसदों ने लोकसभा स्पीकर Om Birla को पत्र लिखकर शिंदे गुट में विलय की मांग की है ताकि वे अयोग्यता से बच सकें। नियम के मुताबिक, अगर दो-तिहाई सांसद एक साथ जाते हैं, तभी इसे विलय माना जाता है।
इस पूरे मामले को लेकर धाराशिव के शिव सेना कार्यकर्ताओं में काफी गुस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर Omraje Nimbalkar ने पार्टी छोड़ी, तो वे बगाती नेताओं पर गोबर फेंकने जैसे उग्र प्रदर्शन करेंगे। सुरक्षा कारणों से महाराष्ट्र पुलिस ने इन छह सांसदों को Y-plus सिक्योरिटी दी है। फिलहाल Omraje Nimbalkar ने कहा है कि वह पुणे में हैं और 20 जून को कोर्ट के फैसले के बाद ही अपनी स्थिति साफ करेंगे।