Maharashtra: राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) को एक नोटिस जारी किया है। आरोप है कि MPCB ने चुनाव के दौरान मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट यानी आचार संहिता का उल्लंघन किया है। यह पूरा मामला 77 करोड़ र
Maharashtra: राज्य चुनाव आयोग (SEC) ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) को एक नोटिस जारी किया है। आरोप है कि MPCB ने चुनाव के दौरान मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट यानी आचार संहिता का उल्लंघन किया है। यह पूरा मामला 77 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी देने से जुड़ा है, जिसके लिए आयोग ने जवाब मांगा है।
MPCB से क्या गलती हुई और मामला क्या है?
जानकारी के मुताबिक, 25 नवंबर 2025 को MPCB की 186वीं बोर्ड मीटिंग हुई थी। इस मीटिंग में ठोस कचरा प्रबंधन (Solid Waste Management) के उपकरणों के लिए 77 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी गई। उस समय नगर परिषदों और नगर पंचायतों के आम चुनाव के लिए आचार संहिता लागू थी। नियमों के अनुसार, चुनाव के समय किसी भी टेंडर की घोषणा या फंड आवंटन के लिए SEC की पहले से अनुमति लेना जरूरी होता है, लेकिन MPCB ने ऐसा नहीं किया।
किन शहरों को मिलना था यह फंड और अब क्या होगा?
यह 77 करोड़ रुपये का फंड मुख्य रूप से चिपलून, दापोली, खेड़ और मंडनगढ़ जैसे इलाकों की नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए मंजूर किया गया था। अब राज्य चुनाव आयोग ने MPCB से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। आयोग यह जानना चाहता है कि बिना अनुमति के इन टेंडरों को मंजूरी क्यों दी गई और जरूरी प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
MPCB को नोटिस क्यों भेजा गया है?
MPCB ने चुनाव आचार संहिता लागू होने के दौरान बिना अनुमति के ठोस कचरा प्रबंधन के लिए 77 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी थी, इसलिए SEC ने नोटिस भेजा है।
यह फंड किन इलाकों के लिए मंजूर किया गया था?
यह फंड महाराष्ट्र के चिपलून, दापोली, खेड़ और मंडनगढ़ की नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए तय किया गया था।