Maharashtra में मराठी भाषा का नियम तोड़ने वाले स्कूलों की रद्द होगी मान्यता, Minister Bhuse ने दी चेतावनी

Maharashtra: राज्य के सभी स्कूलों में अब मराठी भाषा पढ़ाना अनिवार्य होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री Dada Bhuse ने विधानसभा में साफ कर दिया है कि जो स्कूल इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने ऐसे

Maharashtra: राज्य के सभी स्कूलों में अब मराठी भाषा पढ़ाना अनिवार्य होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री Dada Bhuse ने विधानसभा में साफ कर दिया है कि जो स्कूल इस नियम का पालन नहीं करेंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने ऐसे स्कूलों पर जुर्माना लगाने के साथ-साथ उनकी मान्यता रद्द करने का फैसला किया है।

महाराष्ट्र सरकार ने 2020 में मराठी भाषा को अनिवार्य बनाने का कानून बनाया था, लेकिन अब इसे और सख्ती से लागू किया जा रहा है। 17 अप्रैल 2026 को जारी एक नए सरकारी प्रस्ताव (GR) के तहत अब मान्यता रद्द करने का प्रावधान जोड़ दिया गया है। यह नियम कक्षा 1 से 10 तक के सभी स्कूलों पर लागू होगा, चाहे स्कूल किसी भी बोर्ड से जुड़ा हो या उसका मीडियम कोई भी हो।

नियमों के मुताबिक, सभी स्कूलों को योग्य मराठी शिक्षक नियुक्त करने होंगे और हर कक्षा के लिए मराठी की परीक्षा लेनी होगी। अगर कोई स्कूल पहली बार इस नियम को तोड़ता है, तो उस पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगेगा। अगर इसके बाद भी स्कूल ने सुधार नहीं किया, तो उसकी आधिकारिक मान्यता और संबद्धता (Affiliation) खत्म कर दी जाएगी।

सरकार अब पूरे राज्य में स्कूलों का निरीक्षण अभियान शुरू करेगी। अधिकारी समय-समय पर स्कूलों में जाकर यह चेक करेंगे कि मराठी पढ़ाई जा रही है या नहीं और परीक्षा के रिकॉर्ड्स की जांच करेंगे। साथ ही, अब किताबों में महाराष्ट्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को ज्यादा जगह दी जाएगी। इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा ज्योतिराव फुले और सावित्रीबाई फुले के बारे में विस्तार से जानकारी शामिल होगी।

मंत्री Dada Bhuse ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी स्कूलों में राष्ट्रगान के बाद राज्य गीत ‘जय जय महाराष्ट्र माझा’ का सम्मानपूर्वक गान किया जाए। विधानसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान BJP विधायक Atul Bhatkhalkar ने नियमों के पालन पर सवाल उठाए थे, जबकि विपक्ष के सदस्यों ने जुर्माने की राशि को 1 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का सुझाव दिया था।