Maharashtra में 3 साल से नहीं हुई रोड सेफ्टी काउंसिल की मीटिंग, 50 हजार से ज्यादा लोगों ने गंवाई जान
Maharashtra: राज्य में सड़क हादसों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सरकार की रोड सेफ्टी काउंसिल पिछले तीन सालों से सो रही है। नियमों के मुताबिक हर छह महीने में मीटिंग होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बीच राज्य में एक
Maharashtra: राज्य में सड़क हादसों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है, लेकिन सरकार की रोड सेफ्टी काउंसिल पिछले तीन सालों से सो रही है। नियमों के मुताबिक हर छह महीने में मीटिंग होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इस बीच राज्य में एक लाख से ज्यादा हादसे हुए और 50 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, State Road Safety Council की आखिरी मीटिंग 4 अप्रैल 2023 को हुई थी। यह काउंसिल मई 2015 में बनाई गई थी ताकि सड़कों को सुरक्षित बनाया जा सके। 2015 से अब तक करीब 20 मीटिंग होनी चाहिए थीं, लेकिन जून 2025 तक सिर्फ 12 मीटिंग ही हो पाईं। 2019 के बाद से मीटिंग्स की संख्या में भारी गिरावट आई है।
परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने अब भरोसा दिलाया है कि जुलाई के पहले हफ्ते में यह मीटिंग बुलाई जाएगी। इससे पहले जून 2025 में उन्होंने कहा था कि उन्हें इस काउंसिल के बारे में पता ही नहीं था। वहीं, Transport Commissioner Vivek Bhimanwar ने मीटिंग न होने की वजह लोकसभा और विधानसभा चुनावों की आचार संहिता को बताया है।
सड़कों पर मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। 14 जून 2026 को ही सोलापुर जिले में एक हादसे में 8 लोग और पंढरपुर के पास एक अन्य हादसे में 9 लोगों की जान चली गई। इसके अलावा, राज्य के सभी RTO और बॉर्डर चेक पोस्ट के 1,400 से ज्यादा क्लर्क कर्मचारी 16 जून 2026 से अनिश्चितकालीन ‘पेन-डाउन’ हड़ताल पर जाने की योजना बना रहे हैं, जिससे आम जनता के काम रुक सकते हैं।
सड़क सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सितंबर 2016 में Road Safety Fund बनाया गया था। नवंबर 2025 में राज्य के नागरिक निकायों को निर्देश दिया गया कि वे अपने सालाना बजट का एक प्रतिशत हिस्सा सड़क सुरक्षा और जागरूकता अभियानों पर खर्च करें।