Maharashtra: कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में 20 जून को आएगा फैसला, कोर्ट ने बढ़ाई तारीख
Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल CBI कोर्ट में साल 2006 के चर्चित डबल मर्डर केस का फैसला अब 20 जून को आने की उम्मीद है। यह मामला कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी की हत्या से जुड़ा है। पहले यह फैसला
Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल CBI कोर्ट में साल 2006 के चर्चित डबल मर्डर केस का फैसला अब 20 जून को आने की उम्मीद है। यह मामला कांग्रेस नेता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी की हत्या से जुड़ा है। पहले यह फैसला मंगलवार, 16 जून को आना था, लेकिन जज साहब अभी फैसला लिख रहे थे, इसलिए तारीख आगे बढ़ा दी गई।
इस मामले में मुख्य आरोपी 86 साल के पदमसिंह पाटिल हैं, जो महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और NCP के पूर्व सांसद रह चुके हैं। वह डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार के सौतेले भाई और मृतक पवनराजे निंबालकर के चचेरे भाई भी हैं। आरोप है कि टेरना शुगर फैक्ट्री के मैनेजमेंट को लेकर चल रही राजनीतिक और कारोबारी दुश्मनी की वजह से इस हत्या की साजिश रची गई थी। 3 जून 2006 को नवी मुंबई के कलंबोली के पास दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
शुरुआती जांच से असंतुष्ट होकर पवनराजे की पत्नी आनंदीबाई निंबालकर ने याचिका लगाई थी, जिसके बाद अक्टूबर 2008 में CBI ने इस केस की कमान संभाली। साल 2011 में इस केस की सुनवाई शुरू हुई, जिसमें कुल 128 गवाहों के बयान दर्ज हुए, हालांकि इनमें से 29 गवाह अपने बयान से पलट गए। इस हाई-प्रोफाइल केस में सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने भी गवाही दी थी।
मंगलवार को जब मामला कोर्ट में आया, तो मुख्य आरोपी पदमसिंह पाटिल व्हीलचेयर पर आए थे और उनके लिए बाहर एम्बुलेंस खड़ी थी। स्पेशल जज सत्यनारायण नवंदर ने बताया कि फैसला सुनाने के लिए उन्हें अभी दो से तीन दिन का समय और चाहिए। इस केस में पदमसिंह पाटिल के अलावा सतीश मंदाडे, मोहन शुक्ला, दिनेश तिवारी, महातम चौधरी, कैलाश यादव, ज्ञानेंद्र पांडे और शशिकांत कुलकर्णी भी आरोपी हैं। वहीं, पारसमल जैन नाम का व्यक्ति, जिसने पहले हत्या का कॉन्ट्रैक्ट लिया था, बाद में सरकारी गवाह (approver) बन गया।
इस केस का सीधा संबंध महाराष्ट्र की राजनीति और रसूखदार परिवारों से रहा है। मृतक पवनराजे निंबालकर के बेटे ओमप्रकाश राजे निंबालकर अब शिव सेना (UBT) के लोकसभा सदस्य हैं। अब सबकी नजरें 20 जून पर टिकी हैं जब स्पेशल कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी।