Maharashtra में आरक्षण की जंग, OBC कार्यकर्ताओं का 1 सितंबर से ‘चलो मुंबई’ आंदोलन, मनोज जरांगे के भूख हड़ताल का जवाब
Maharashtra: राज्य में आरक्षण को लेकर माहौल एक बार फिर गरमा गया है। मराठा कोटा कार्यकर्ता Manoj Jarange के आंदोलन के जवाब में अब OBC समुदाय के लोग सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। OBC कार्यकर्ताओं ने 1 सितंबर से राज्य
Maharashtra: राज्य में आरक्षण को लेकर माहौल एक बार फिर गरमा गया है। मराठा कोटा कार्यकर्ता Manoj Jarange के आंदोलन के जवाब में अब OBC समुदाय के लोग सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। OBC कार्यकर्ताओं ने 1 सितंबर से राज्यव्यापी ‘चलो मुंबई’ आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है।
यह पूरा विवाद Manoj Jarange द्वारा 29 अगस्त से शुरू होने वाली अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के बाद शुरू हुआ है। जरांगे ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने हैदराबाद गजट और अन्य ऐतिहासिक रिकॉर्ड के आधार पर जाति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए, तो वह मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘वर्षा’ के सामने भूख हड़ताल करेंगे। उन्होंने इसके लिए 28 अगस्त तक की समय सीमा तय की है।
दूसरी तरफ, Laxman Hake, Mangesh Sasane और Mrunal Dhole Patil जैसे OBC नेताओं ने पुणे में बैठक कर अपनी रणनीति तय की है। OBC कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार उनके मौजूदा आरक्षण को सुरक्षित रखने में नाकाम रही है। उन्होंने कैबिनेट में मौजूद OBC नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं।
OBC समुदाय इस बात से नाराज है कि सरकार ने 6 जून 2026 को मराठा छात्रों को भी OBC छात्रों वाली कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने का फैसला किया था। OBC नेताओं ने इसे असंवैधानिक बताया है और कहा है कि दोनों समुदायों को एक समान नहीं माना जा सकता। वे मराठा समुदाय को जारी किए गए कुछ कुनबी प्रमाण पत्रों को कानूनी रूप से चुनौती देने की योजना बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने 12 अगस्त को स्पष्ट किया था कि सरकार केवल संवैधानिक दायरे में रहकर ही आरक्षण पर विचार करेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी समुदाय के अधिकारों को कम नहीं किया जाएगा और एक समुदाय से लेकर दूसरे को नहीं दिया जाएगा। वहीं, BJP नेता Praveen Darekar ने कहा कि Fadnavis सरकार मराठा समुदाय के लिए कई योजनाएं शुरू कर चुकी है।