Maharashtra: मुंबई और नवी मुंबई अब प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) से बनी गणेश मूर्तियों के कचरे के लिए नए रीसाइक्लिंग तरीके ढूंढ रहे हैं. इसी बीच, बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति (BSGSS) ने PoP गणेश मूर्तियों पर लगन
Maharashtra: मुंबई और नवी मुंबई अब प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) से बनी गणेश मूर्तियों के कचरे के लिए नए रीसाइक्लिंग तरीके ढूंढ रहे हैं. इसी बीच, बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति (BSGSS) ने PoP गणेश मूर्तियों पर लगने वाले प्रतिबंध का विरोध किया है. समिति ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) से एक ऐसी नीति बनाने की अपील की है, जो मूर्तियों के संग्रह, रीसाइक्लिंग और दोबारा इस्तेमाल पर ध्यान दे.
PoP मूर्तियों के लिए नए समाधान की ज़रूरत क्यों?
पर्यावरण को देखते हुए PoP मूर्तियों के निपटान का मुद्दा हमेशा से चर्चा में रहा है. ये मूर्तियां पानी में आसानी से घुलती नहीं हैं, जिससे जल प्रदूषण होता है. इसी समस्या को हल करने के लिए मुंबई और नवी मुंबई जैसे शहर नए रीसाइक्लिंग के तरीके अपनाने पर विचार कर रहे हैं, ताकि पर्यावरण को कम नुकसान पहुंचे और गणेशोत्सव भी धूमधाम से मनाया जा सके.
गणेश मंडलों की क्या मांग है?
बृहन्मुंबई सार्वजनिक गणेशोत्सव समन्वय समिति (BSGSS) का कहना है कि PoP मूर्तियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने के बजाय, सरकार को उनके प्रबंधन पर ध्यान देना चाहिए. समिति ने MPCB और BMC से कहा है कि वे एक ऐसी पक्की नीति बनाएं जिसमें PoP मूर्तियों को जमा करने, उन्हें रीसायकल करने और फिर से इस्तेमाल करने का पूरा इंतजाम हो. उनका मानना है कि ऐसा करने से पर्यावरण की सुरक्षा भी होगी और परंपराएं भी चलती रहेंगी.