Maharashtra: मुंबई के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ लापरवाही का मामला सामने आया है। Maharashtra State Human Rights Commission (MSHRC) ने Times of India की एक रिपोर्ट का संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया कि कैसे एक ब
Maharashtra: मुंबई के सरकारी अस्पतालों में मरीजों के साथ लापरवाही का मामला सामने आया है। Maharashtra State Human Rights Commission (MSHRC) ने Times of India की एक रिपोर्ट का संज्ञान लिया है, जिसमें बताया गया कि कैसे एक बुजुर्ग मरीज को बिना किसी मेडिकल सपोर्ट के एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल भेज दिया गया। आयोग ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम कमिश्नर से जवाब मांगा है।
क्या था पूरा मामला और मरीज की हालत
यह मामला एक 70 साल के बुजुर्ग व्यक्ति का है, जिन्हें दिमाग से ब्लीडिंग होने का शक था। आरोप है कि उन्हें BMC द्वारा संचालित MW Desai Hospital से Jogeshwari Trauma Hospital भेजा गया, लेकिन इस ट्रांसफर के दौरान न तो कोई एम्बुलेंस दी गई और न ही कोई मेडिकल सहायता उपलब्ध थी। इस लापरवाही के बाद MSHRC ने खुद संज्ञान लिया और नगर निगम कमिश्नर को पत्र लिखकर जरूरी दस्तावेज और जवाब जून के अंत तक मांगा है।
अधिकारियों ने किया अस्पताल का दौरा और दिए निर्देश
रिपोर्ट सामने आने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई। Chief Medical Superintendent डॉ. चंद्रकांत पवार और Additional Municipal Commissioner विपिन शर्मा ने MW Desai Hospital का दौरा किया। अधिकारियों ने अस्पताल के अलग-अलग विभागों और ICU का निरीक्षण किया और मरीजों से बात की। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे मरीजों और उनके परिजनों के साथ बातचीत के तरीके में सुधार करें।
डॉक्टरों की ड्यूटी और मरीजों की देखभाल पर सवाल
इस मामले में कुछ और गंभीर बातें भी सामने आई हैं, जो आम जनता की सेहत से जुड़ी हैं:
- कथित तौर पर कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए डॉक्टर लगातार 24-24 घंटे की दो शिफ्ट कर रहे थे।
- इसके बाद वे अपने प्राइवेट प्रैक्टिस के लिए लंबी छुट्टियां ले लेते थे।
- इस वजह से सरकारी अस्पतालों में मरीजों के इलाज और देखभाल पर बुरा असर पड़ रहा था।