Maharashtra में मंत्री Girish Mahajan की AI से बनी फर्जी तस्वीरें वायरल, साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज

Maharashtra: राज्य के मंत्री Girish Mahajan की कुछ ऐसी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिन्हें AI के जरिए बदला गया था। इन तस्वीरों में उन्हें एक पारिवारिक मित्र की बेटी के साथ दिखाया गया है। मंत्री महजन ने इसे अपनी छ

Maharashtra: राज्य के मंत्री Girish Mahajan की कुछ ऐसी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं, जिन्हें AI के जरिए बदला गया था। इन तस्वीरों में उन्हें एक पारिवारिक मित्र की बेटी के साथ दिखाया गया है। मंत्री महजन ने इसे अपनी छवि खराब करने की साजिश बताया और मामला दर्ज कराने के लिए साइबर पुलिस का दरवाजा खटखटाया है।

यह पूरा मामला 19 जून 2026 को सामने आया जब X और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म पर ये तस्वीरें तेजी से फैलने लगीं। Girish Mahajan ने साफ किया कि ये तस्वीरें पूरी तरह से ‘मर्फ्ड’ यानी एडिट की हुई हैं। उन्होंने बताया कि असली सेल्फी तस्वीरों से बैकग्राउंड हटाकर इन्हें इस तरह बनाया गया ताकि ऐसा लगे कि वहां सिर्फ दो लोग थे। मंत्री ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी फर्जी खबरों और तस्वीरों को शेयर न करें।

इस मामले में मुंबई और जलगांव दोनों जगहों पर शिकायत दर्ज कराई गई है। मुंबई में मंत्री के विशेष अधिकारी Amol Sharad Patil ने शिकायत दर्ज की, जबकि जलगांव में भाजपा पार्षद Arvind Deshmukh ने केस दर्ज कराया। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 356 और 3(5) के साथ-साथ IT एक्ट की धारा 66(C) और 67 के तहत मामला दर्ज किया है। जलगांव के पुलिस अधीक्षक Shrikant Dhivare और इंस्पेक्टर Satish Gorade इस जांच का नेतृत्व कर रहे हैं।

साइबर पुलिस ने अब तक कई आपत्तिजनक तस्वीरों को सोशल मीडिया से हटवा दिया है। जांच में पता चला है कि इन तस्वीरों को फैलाने के लिए अमेरिका के प्रॉक्सी सर्वर का इस्तेमाल किया गया था। पुलिस अब उन X हैंडल्स जैसे @gajabhauX, @PriaINC और Instagram अकाउंट्स जैसे the_lokarth, youngmaharashtra और puneriawazz की जांच कर रही है जिन्होंने इसे शेयर किया था।

गौरतलब है कि भारत सरकार के MeitY विभाग ने फरवरी 2026 में IT नियमों में बदलाव किए थे। नए नियमों के मुताबिक, AI से बनी किसी भी सामग्री को साफ तौर पर लेबल करना जरूरी है। अगर कोई बिना सहमति के किसी की अश्लील या भ्रामक तस्वीर (Deepfake) डालता है, तो सोशल मीडिया कंपनियों को शिकायत मिलने के 2 से 3 घंटे के भीतर उसे हटाना होगा। पुलिस अब डिजिटल सबूत और IP एड्रेस जुटा रही है ताकि दोषियों को सजा दिलाई जा सके।