Delhi में प्रदर्शन के दौरान फेंके पत्थरों से Aadhaar लिंक कर पकड़े जाएंगे लोग, महाराष्ट्र मंत्री Chandrakant Patil का दावा
Maharashtra: महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री Chandrakant Patil ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने Cockroach Janta Party (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल किए गए छोटे-छोटे पत्थरों
Maharashtra: महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री Chandrakant Patil ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस ने Cockroach Janta Party (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल किए गए छोटे-छोटे पत्थरों से फिंगरप्रिंट्स इकट्ठे किए हैं। मंत्री का कहना है कि इन फिंगरप्रिंट्स को Aadhaar रिकॉर्ड से जोड़कर उन लोगों की पहचान की जाएगी जिन्होंने हिंसा की थी।
यह बयान Patil ने कोल्हापुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिया। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की है जिसमें आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इस रिपोर्ट के जरिए उन प्रदर्शनकारियों को पकड़ा जाएगा जिनका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है या जिनके विदेशी संबंध हैं।
हालांकि, इस दावे के बाद कानूनी सवाल खड़े हो गए हैं। Aadhaar Act 2016 के मुताबिक, पुलिस जांच के लिए भी फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन जैसे बायोमेट्रिक डेटा को साझा करना मना है। UIDAI ने भी पहले साफ किया है कि आपराधिक जांच के लिए आधार बायोमेट्रिक डेटा का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। नियम यह है कि जिला जज के आदेश के बाद ही पहचान संबंधी जानकारी दी जा सकती है।
इस बयान पर राजनीति भी तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) नेता Sanjay Raut ने तंज कसते हुए कहा कि इस नई खोज के लिए Patil को नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। वहीं NCP विधायक Rohit Pawar ने कहा कि इस तकनीक से महाराष्ट्र के फॉरेंसिक विभाग और डोनाल्ड ट्रंप को भी मदद मिलनी चाहिए। शिंदे गुट के नेता Ravindra Dhangekar ने भी इस तकनीक का सबूत न होने पर मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
बता दें कि 20 से 25 जुलाई 2026 के बीच दिल्ली के जंतर मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ CJP का प्रदर्शन हुआ था। 20 जुलाई को ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान सबसे ज्यादा हिंसा हुई थी। इस मामले में दिल्ली की एक अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया है कि प्रदर्शन के दौरान हुई कथित ज्यादतियों के CCTV फुटेज को सुरक्षित रखा जाए।