Maharashtra: राज्य के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में छात्रों के एडमिशन को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। State CET Cell ने उस ‘इंस्टीट्यूशनल राउंड’ को खत्म करने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें सरकारी निगरानी नही
Maharashtra: राज्य के प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में छात्रों के एडमिशन को लेकर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। State CET Cell ने उस ‘इंस्टीट्यूशनल राउंड’ को खत्म करने का प्रस्ताव दिया है, जिसमें सरकारी निगरानी नहीं होती थी। इस कदम से अब मेडिकल सीटों के आवंटन में पारदर्शिता आएगी और छात्रों को मनमानी फीस से राहत मिल सकती है।
क्या है यह नया प्रस्ताव और इसका असर क्या होगा?
State CET Cell के इस प्रस्ताव को Directorate of Medical Education and Research (DMER) ने मंजूरी दे दी है। अब यह मामला राज्य सरकार के पास है। अगर सरकार इसे मंजूरी देती है, तो UG और PG दोनों तरह के मेडिकल एडमिशन पूरी तरह से CET Cell की सेंट्रलाइज्ड प्रक्रिया के जरिए होंगे। महाराष्ट्र देश का इकलौता ऐसा राज्य था जहाँ अब भी यह राउंड चल रहा था, जबकि बाकी राज्यों में पूरी प्रक्रिया सेंट्रलाइज्ड है।
क्यों हटाया जा रहा है इंस्टीट्यूशनल राउंड?
इस राउंड को लेकर लंबे समय से अभिभावकों और छात्रों की शिकायतें आ रही थीं। आरोप था कि इस दौर में पारदर्शिता की कमी होती है और प्राइवेट कॉलेज आखिरी समय में सीटों के बदले मनमानी फीस की मांग करते हैं। पूर्व DMER प्रमुख डॉ. प्रवीण शिंगारे ने भी इस बदलाव का समर्थन किया है। उनका कहना है कि इससे मेरिट का सम्मान होगा और योग्य उम्मीदवारों को न्याय मिलेगा।
एडमिशन प्रक्रिया में और क्या बदलाव हो सकते हैं?
सरकार का मकसद मेडिकल एडमिशन में होने वाली गड़बड़ियों को रोकना है। इसी कड़ी में अप्रैल 2026 में यह सुझाव भी आया था कि प्राइवेट कॉलेजों की फिजिकल एडमिशन प्रक्रिया को सरकारी संस्थानों में शिफ्ट किया जाए। इससे उन छात्रों और परिवारों को मदद मिलेगी जिन्हें प्राइवेट कॉलेजों में एडमिशन के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
इंस्टीट्यूशनल राउंड खत्म होने से छात्रों को क्या फायदा होगा?
इससे एडमिशन प्रक्रिया पारदर्शी होगी और प्राइवेट कॉलेजों द्वारा आखिरी समय में मांगी जाने वाली मनमानी फीस और सीटों के गलत आवंटन पर रोक लगेगी।
क्या यह नियम सभी मेडिकल कोर्सेज पर लागू होगा?
हाँ, प्रस्ताव के अनुसार यह बदलाव अंडरग्रेजुएट (UG) और पोस्टग्रेजुएट (PG) दोनों तरह के मेडिकल एडमिशन पर लागू होगा।