Maharashtra: राज्य सरकार ने गैर-मराठी भाषी ऑटो रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए ‘प्रैक्टिकल मराठी ट्रेनिंग’ क्लास शुरू करने का फैसला किया है। परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने बताया कि यह कदम यात्रियों की सुवि
Maharashtra: राज्य सरकार ने गैर-मराठी भाषी ऑटो रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों के लिए ‘प्रैक्टिकल मराठी ट्रेनिंग’ क्लास शुरू करने का फैसला किया है। परिवहन मंत्री Pratap Sarnaik ने बताया कि यह कदम यात्रियों की सुविधा और बेहतर संवाद के लिए उठाया गया है। सभी ड्राइवरों को 15 अगस्त 2026 तक यह ट्रेनिंग पूरी करनी होगी, वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मराठी ट्रेनिंग क्लास और नियम क्या हैं?
यह ट्रेनिंग केवल बुनियादी बातचीत (Conversational Marathi) पर आधारित होगी ताकि ड्राइवर सवारियों से आसानी से बात कर सकें। इसके लिए मुंबई मराठी साहित्य संघ और कोंकण मराठी साहित्य परिषद के साथ मिलकर काम किया जा रहा है। राज्य के 72 अलग-अलग केंद्रों पर ऑनलाइन और ऑफलाइन क्लास चलाई जाएंगी। यह ट्रेनिंग केवल चार घंटे की होगी, जिसके बाद ड्राइवरों को सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
नियम न मानने पर क्या होगा जुर्माना?
परिवहन मंत्री ने साफ किया है कि 15 अगस्त के बाद जो ड्राइवर मराठी नहीं बोलेंगे, उन पर कार्रवाई होगी। पहली गलती पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि, केवल भाषा न आने की वजह से लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं किए जाएंगे, लेकिन लाइसेंस के रिन्यूअल के समय ट्रेनिंग सर्टिफिकेट की मांग की जा सकती है। सरकार ने इसके लिए 1 मई से 15 अगस्त तक 100 दिनों का वेरिफिकेशन अभियान भी शुरू किया है।
सरकार ने ट्रेनिंग के लिए क्या इंतजाम किए हैं?
उद्योग मंत्री Uday Samant ने इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए 2 करोड़ रुपये का बजट दिया है। ड्राइवरों की मदद के लिए एक बुकलेट भी तैयार की गई है जिसमें रोजमर्रा की बातचीत के शब्द और वाक्य दिए गए हैं। यह नियम नया नहीं है बल्कि 1989 से लागू है, जिसे अब सख्ती से लागू किया जा रहा है। कई ड्राइवर यूनियनों ने भी इस पहल का समर्थन किया है और खुद भी फ्री क्लास शुरू कर दी हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मराठी ट्रेनिंग की आखिरी तारीख क्या है?
गैर-मराठी भाषी ड्राइवरों को 15 अगस्त 2026 तक अपनी प्रैक्टिकल मराठी ट्रेनिंग पूरी करनी होगी।
ट्रेनिंग पूरी न करने पर कितना जुर्माना लगेगा?
नियम का पालन न करने वाले ड्राइवरों पर पहली बार में 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
क्या इसके लिए कोई डिग्री लेनी होगी?
नहीं, यह केवल चार घंटे की बेसिक बातचीत वाली ट्रेनिंग है, जिसके बाद सर्टिफिकेट मिलेगा।