Maharashtra: अगर आप मुंबई या महाराष्ट्र के किसी भी रेस्टोरेंट में पनीर टिक्का या बटर पनीर ऑर्डर करते हैं, तो अब आपको पता चलेगा कि आप असली पनीर खा रहे हैं या नकली। महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने 1 मई 202
Maharashtra: अगर आप मुंबई या महाराष्ट्र के किसी भी रेस्टोरेंट में पनीर टिक्का या बटर पनीर ऑर्डर करते हैं, तो अब आपको पता चलेगा कि आप असली पनीर खा रहे हैं या नकली। महाराष्ट्र Food and Drug Administration (FDA) ने 1 मई 2026 से नया नियम लागू कर दिया है। अब होटल और ढाबों को अपने मेन्यू कार्ड पर साफ लिखना होगा कि वे असली पनीर का इस्तेमाल कर रहे हैं या ‘एनालॉग पनीर’ का।
क्या है यह नया नियम और किन पर होगा असर
राज्य सरकार के इस आदेश के मुताबिक, अब सभी रेस्टोरेंट, होटल, कैटरर्स और फास्ट फूड विक्रेताओं को ‘एनालॉग पनीर’ या ‘चीज एनालॉग’ के इस्तेमाल की जानकारी देनी होगी। यह जानकारी प्रिंटेड मेन्यू, इलेक्ट्रॉनिक बोर्ड और ग्राहकों के बिल पर लिखना जरूरी है। इसके लिए बिजनेस को 30 अप्रैल 2026 तक अपना मेन्यू अपडेट करने का समय दिया गया था। अब 1 मई के बाद राज्य भर में इसकी जांच के लिए अभियान चलाया जाएगा।
नकली या एनालॉग पनीर क्या होता है
असली पनीर पूरी तरह दूध से बनता है, जबकि एनालॉग पनीर को बनाने में वनस्पति तेल, स्टार्च और इमल्सीफायर जैसे गैर-डेयरी सामानों का इस्तेमाल होता है। हालांकि यह खाने के लिए सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इसमें असली पनीर के मुकाबले प्रोटीन कम और फैट ज्यादा होता है। ग्राहकों की शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है क्योंकि कई जगह एनालॉग पनीर को असली बताकर बेचा जा रहा था।
नियम न मानने वालों पर क्या होगी कार्रवाई
Food Safety Commissioner Shridhar Dubey-Patil और FDA मंत्री Narhari Zirwal ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। Food Safety and Standards Act के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है और गंभीर मामलों में रेस्टोरेंट का लाइसेंस निलंबित या हमेशा के लिए रद्द किया जा सकता है। अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उसे धोखा दिया गया है, तो वह FDA की टोल-फ्री हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
एनालॉग पनीर और असली पनीर में क्या अंतर है?
असली पनीर पूरी तरह दूध से बनता है। वहीं एनालॉग पनीर वनस्पति तेल, स्टार्च और अन्य गैर-डेयरी सामग्रियों से बनाया जाता है, जिसमें प्रोटीन कम और फैट ज्यादा होता है।
अगर रेस्टोरेंट मेन्यू में एनालॉग पनीर की जानकारी नहीं देता है तो क्या करें?
ग्राहक इसकी शिकायत Maharashtra FDA की टोल-फ्री हेल्पलाइन पर कर सकते हैं। नियम न मानने वाले रेस्टोरेंट का लाइसेंस रद्द हो सकता है और उन पर जुर्माना लग सकता है।