Maharashtra: राज्य सरकार अब लोगों को अपनी मर्जी से इलाज तय करने की सुविधा दे रही है। महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है जहां Living Will यानी एडवांस मेडिकल डायरेक्टिव के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू होगा। इससे
Maharashtra: राज्य सरकार अब लोगों को अपनी मर्जी से इलाज तय करने की सुविधा दे रही है। महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है जहां Living Will यानी एडवांस मेडिकल डायरेक्टिव के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू होगा। इससे उन लोगों को मदद मिलेगी जो गंभीर बीमारी या बेहोशी की हालत में यह तय करना चाहते हैं कि उन्हें कृत्रिम लाइफ सपोर्ट पर रखा जाए या नहीं।
Living Will क्या है और इसे कैसे बनवाएं
Living Will एक कानूनी दस्तावेज होता है जिसमें व्यक्ति पहले से लिख देता है कि अगर वह भविष्य में ऐसी स्थिति में पहुंच जाए जहां वह खुद फैसला न ले सके, तो उसका इलाज कैसे हो। 18 साल से ऊपर का कोई भी व्यक्ति इसे बना सकता है। इसके लिए दो गवाहों के साइन और नोटरी की जरूरत होती है। लोग इसे MahaULB पोर्टल के जरिए ऑनलाइन या फिर सीधे कस्टोडियन के पास जमा कर सकते हैं।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और सरकारी नियम क्या हैं
राज्य सरकार ने इसके लिए कुछ जरूरी नियम तय किए हैं ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे। ऑनलाइन आवेदन के लिए शुल्क और समय सीमा इस प्रकार है:
| विवरण |
जानकारी |
| कुल रजिस्ट्रेशन फीस |
₹1,000 |
| सरकारी हिस्सा |
₹500 |
| वेरिफिकेशन का समय |
7 दिन के भीतर |
| डिजिटल प्लेटफॉर्म |
MahaULB पोर्टल |
| कानूनी आधार |
सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश |
कौन करेगा इन दस्तावेजों की देखभाल
महाराष्ट्र सरकार के शहरी विकास विभाग ने 7 अप्रैल 2026 को एक आदेश जारी किया है। इसके तहत नगर निगम कमिश्नर, नगर परिषद के मुख्य अधिकारी और नगर पंचायतों के अधिकारियों को कस्टोडियन बनाया गया है। ये अधिकारी नागरिकों की Living Will को सुरक्षित रखने के लिए जिम्मेदार होंगे। डॉ. निखिल दातार, जिन्होंने इसके लिए PIL दाखिल की थी, ने बताया कि राज्य में अब तक 423 कस्टोडियन नियुक्त किए जा चुके हैं। फिलहाल यह सुविधा शहरी इलाकों के लिए है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी जल्द निर्देश आने की उम्मीद है।