Maharashtra: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना’ से करीब 73 लाख महिलाएं बाहर हो गई हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2025 में लाभार्थियों की संख्या 2.43 करोड़ थी, जो मई 2026
Maharashtra: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाड़की बहिन योजना’ से करीब 73 लाख महिलाएं बाहर हो गई हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2025 में लाभार्थियों की संख्या 2.43 करोड़ थी, जो मई 2026 तक घटकर लगभग 1.7 करोड़ रह गई है। सरकार ने यह कदम ई-केवाईसी (e-KYC) और पात्रता की कड़ी जांच के बाद उठाया है।
महिलाएं योजना से बाहर क्यों हुईं?
सरकार ने लाभार्थियों की पात्रता जांचने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया था। इसमें सबसे मुख्य कारण e-KYC की प्रक्रिया पूरी न करना रहा। 30 अप्रैल 2026 तक समय दिए जाने के बावजूद कई महिलाओं ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की। इसके अलावा, जिन महिलाओं की पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये से ज्यादा निकली या जिनके पास चार पहिया वाहन पाया गया, उनका नाम लिस्ट से हटा दिया गया है।
कितने लोग और किन कारणों से कटे?
सरकारी जांच में अलग-अलग कारणों से महिलाओं के नाम हटाए गए हैं, जिसकी जानकारी नीचे दी गई टेबल में है:
| कारण |
हटाए गए लाभार्थियों की संख्या |
| e-KYC न कराना या अपात्र होना |
करीब 50 लाख |
| आय सीमा (2.5 लाख से अधिक) |
12 लाख |
| चार पहिया वाहन का मालिक होना |
5 लाख |
| नमो शेतकरी योजना का लाभ लेना |
5 लाख |
| 65 वर्ष से अधिक आयु होना |
4.5 लाख |
सरकार और विपक्ष का क्या कहना है?
महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री मेघना बोरडिकर ने कहा कि कई बार समय सीमा बढ़ाने और जागरूकता अभियान चलाने के बाद भी कई महिलाओं ने e-KYC नहीं कराया, जिससे लगता है कि वे वास्तव में पात्र नहीं थीं। वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भरोसा दिलाया है कि यह योजना बंद नहीं होगी। दूसरी तरफ, शिवसेना (UBT) और NCP (शरद पवार गुट) ने सरकार पर हमला बोला है। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव जीतने के लिए जल्दबाजी में योजना लागू की गई और अब प्रशासनिक गलतियों के कारण लाखों महिलाएं लाभ से वंचित हो गई हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लाड़की बहिन योजना के लिए पात्रता क्या है?
महाराष्ट्र की 21 से 65 वर्ष की महिलाएं, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है, वे इस योजना के लिए पात्र हैं। उनके पास आधार लिंक बैंक खाता और वैध राशन कार्ड होना जरूरी है।
क्या अब नए लाभार्थियों का नामांकन होगा?
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल e-KYC की समय सीमा बढ़ाने या नए लाभार्थियों को जोड़ने की कोई योजना नहीं है।