Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने कोंकण तट पर परमाणु ऊर्जा के विकास के लिए चार बड़ी कंपनियों के साथ समझौता (MoU) किया है। इस बड़े प्रोजेक्ट से राज्य में करीब 25,400 MW बिजली पैदा होगी और 6.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा।
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने कोंकण तट पर परमाणु ऊर्जा के विकास के लिए चार बड़ी कंपनियों के साथ समझौता (MoU) किया है। इस बड़े प्रोजेक्ट से राज्य में करीब 25,400 MW बिजली पैदा होगी और 6.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इससे महाराष्ट्र ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ेगा और करीब 1.2 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा।
किन जिलों में लगेंगे पावर प्लांट और कौन सी कंपनियां जुड़ी हैं
राज्य के रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग जिलों में अलग-अलग कंपनियों के प्रोजेक्ट्स प्रस्तावित हैं। Adani Power और उसकी सहायक कंपनी Coastal-Maha Atomic Energy रत्नागिरी के Barsu में 6,000 MW का प्लांट लगाने पर विचार कर रही है, जिसमें 1.5 लाख करोड़ का निवेश होगा। वहीं Reliance Industries (RIL) रत्नागिरी के Purnagadh में छोटे और बड़े रिएक्टर्स लगाने की योजना बना रही है। NTPC सिंधुदुर्ग के Devgad में 4,000 से 7,200 MW क्षमता का प्लांट लगाएगी। इसके अलावा Bajaj Group की कंपनी Lalitpur Power भी 5,000 MW बिजली पैदा करने के लिए जुड़ी है।
बिजली का बंटवारा और नए नियम क्या होंगे
इन प्लांट्स से बनने वाली बिजली को Gadgil फॉर्मूले के तहत बांटा जाएगा। नियम के मुताबिक 50% बिजली उसी राज्य को मिलेगी जहां प्लांट लगा है, 35% पड़ोसी राज्यों को जाएगी और बाकी 15% सेंट्रल ग्रिड को दी जाएगी। यह पूरा विस्तार दिसंबर 2025 में पास हुए SHANTI बिल के बाद संभव हुआ है, जिसने निजी कंपनियों के लिए परमाणु ऊर्जा का रास्ता खोल दिया है। केंद्र सरकार ने 2025-26 के बजट में Nuclear Energy Mission भी शुरू किया है ताकि बिजली क्षमता को तेजी से बढ़ाया जा सके।
स्थानीय लोगों पर क्या होगा असर और क्या हैं चुनौतियां
इन प्रोजेक्ट्स से हजारों नौकरियां मिलने की उम्मीद है, लेकिन स्थानीय स्तर पर विरोध की संभावना भी है। Barsu में पहले ऑयल रिफाइनरी का विरोध हुआ था और Jaitapur प्रोजेक्ट को लेकर भी लोग अपनी जमीन और पर्यावरण को लेकर चिंतित रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भरोसा दिलाया है कि भारत का परमाणु कार्यक्रम ‘पहले सुरक्षा, फिर उत्पादन’ के सिद्धांत पर काम करता है। सरकार अब साइट सर्वे की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दे रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कोंकण तट पर कुल कितना निवेश और कितनी बिजली पैदा होगी
कुल 6.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है, जिससे लगभग 25,400 MW परमाणु बिजली पैदा की जाएगी।
इन प्रोजेक्ट्स से कितने लोगों को नौकरी मिलेगी
सरकारी अनुमान के मुताबिक, इन सभी प्रोजेक्ट्स के जरिए 1.2 लाख से ज्यादा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।