Maharashtra: महाराष्ट्र साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ऐसे जालसाजों को पकड़ा है जिन्होंने पुलिस अधिकारी बनकर एक कारोबारी को अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने डर और झांसे का ऐसा जाल बुना कि एक एग्रो बिजनेसमैन ने घब
Maharashtra: महाराष्ट्र साइबर सेल ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो ऐसे जालसाजों को पकड़ा है जिन्होंने पुलिस अधिकारी बनकर एक कारोबारी को अपना शिकार बनाया। आरोपियों ने डर और झांसे का ऐसा जाल बुना कि एक एग्रो बिजनेसमैन ने घबराहट में उन्हें करीब 90 लाख रुपये दे दिए। पकड़े गए दोनों आरोपी कल्याण के रहने वाले हैं।
ठगी का तरीका क्या था?
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब बिजनेसमैन को नया फोन खरीदने पर एक ‘लकी ड्रॉ’ के जरिए मोटरसाइकिल जीतने का लालच दिया गया। जैसे ही उन्होंने अपना Aadhaar और PAN कार्ड की जानकारी साझा की, जालसाजों ने खेल शुरू कर दिया। उन्होंने झूठ बोला कि उस बाइक से एक बुजुर्ग व्यक्ति का एक्सीडेंट हो गया है और उसके इलाज के लिए पहले 30,000 रुपये मांगे।
कैसे वसूले 88 लाख रुपये?
जब कारोबारी ने पैसे दिए, तो ठगों ने अपना रूप बदला। एक आरोपी ने जेल अधिकारी बनकर फोन किया और बताया कि एक्सीडेंट में घायल व्यक्ति की मौत हो गई है। उन्होंने बिजनेसमैन को धमकी दी कि अगर उन्होंने भारी मुआवजा नहीं दिया, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कानूनी कार्रवाई के डर से कारोबारी ने किस्तों में कुल 88 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
कौन हैं पकड़े गए आरोपी?
- Uday Jha: उम्र 31 साल, निवासी कल्याण।
- Dhiru Gupta: उम्र 30 साल, निवासी कल्याण।
- जांच एजेंसी: Maharashtra Cyber Cell।
पुलिस ने जब पैसों के लेन-देन की जांच की, तो मामला आरोपियों के बैंक खातों तक पहुंच गया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।