Maharashtra: राज्य की जेलों में जगह की भारी कमी हो गई है। NCRB के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र की जेलें अपनी क्षमता से 143.9% तक भर चुकी हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि यहाँ बंद ज्यादातर लोग ऐसे हैं जिनका ट्राय
Maharashtra: राज्य की जेलों में जगह की भारी कमी हो गई है। NCRB के 2024 के आंकड़ों के मुताबिक, महाराष्ट्र की जेलें अपनी क्षमता से 143.9% तक भर चुकी हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि यहाँ बंद ज्यादातर लोग ऐसे हैं जिनका ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है और वे सालों से जेल में हैं।
जेलों में भीड़ और बंद कैदियों का हाल क्या है?
दिसंबर 2024 तक के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र की जेलों में 39,003 कैदी थे। इनमें से 31,523 लोग undertrials हैं, यानी उनका मामला अभी कोर्ट में लंबित है। राज्य की 9 Central Jails में स्थिति और भी खराब है, जहाँ क्षमता 162.8% तक पहुँच गई है। पुणे की Yerwada महिला जेल में भी 145.8% भीड़ है, जहाँ 262 की जगह 382 महिला कैदी रह रही हैं।
कितने समय से लोग बिना ट्रायल के जेल में हैं?
NCRB की रिपोर्ट बताती है कि महाराष्ट्र में 1,845 ऐसे undertrials हैं जो 5 साल से ज्यादा समय से जेल में बंद हैं। इस मामले में महाराष्ट्र पूरे देश में उत्तर प्रदेश के बाद दूसरे नंबर पर है। इसके अलावा, 3,130 लोग ऐसे हैं जो 3 से 5 साल तक बिना ट्रायल के कैद में रहे। राष्ट्रीय स्तर पर दिल्ली की जेलें सबसे ज्यादा भीड़ वाली रहीं, जहाँ क्षमता 194.6% थी।
सरकार ने सुधार के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने पुराने कानूनों को बदलने के लिए Maharashtra Prisons and Correctional Services Bill, 2025 पास किया है। इसमें कैदियों के सुधार और उन्हें समाज में वापस जोड़ने पर जोर दिया गया है। अब हर जिले में undertrial review committees बनाई जाएंगी, जो लंबित मामलों की जांच कर कोर्ट को सुझाव देंगी ताकि फैसले जल्दी हों। साथ ही, 6 अप्रैल 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और बेहतर सुरक्षा उपकरणों के लिए बजट और मंजूरी दी गई है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
महाराष्ट्र की जेलों में क्षमता से ज्यादा कैदी क्यों हैं?
NCRB 2024 के अनुसार, जेलों में 143.9% ऑक्युपेंसी है क्योंकि 80% से ज्यादा कैदी undertrials हैं, जिनका कोर्ट ट्रायल अभी पूरा नहीं हुआ है।
बिना ट्रायल के कितने लोग लंबे समय से जेल में हैं?
महाराष्ट्र में 1,845 कैदी 5 साल से ज्यादा और 3,130 कैदी 3 से 5 साल तक बिना ट्रायल के जेल में बंद हैं।