Maharashtra में हाईवे पर बने अवैध ढाबों और होटल पर चलेगा बुलडोजर, सरकार ने जारी किए सख्त आदेश
Maharashtra: राज्य सरकार ने नेशनल हाईवे के किनारे बने अवैध ढाबों, होटलों और अन्य व्यावसायिक निर्माणों को हटाने का बड़ा फैसला लिया है। सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों को आदेश दिया गया है कि वे इन अवैध ढांचों क
Maharashtra: राज्य सरकार ने नेशनल हाईवे के किनारे बने अवैध ढाबों, होटलों और अन्य व्यावसायिक निर्माणों को हटाने का बड़ा फैसला लिया है। सभी नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों को आदेश दिया गया है कि वे इन अवैध ढांचों को हटाने के नियमों का सख्ती से पालन करें। यह पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद की जा रही है।
यह आदेश राजस्थान के फलौदी जिले में हुए एक भीषण सड़क हादसे के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी की गई गाइडलाइन्स पर आधारित है। कोर्ट ने हाईवे की सुरक्षा को देखते हुए जमीन के उपयोग में बदलाव पर रोक लगाने को कहा था। इसके तहत अब नेशनल हाईवे के मिड-पॉइंट से 40 मीटर (आवासीय) और 75 मीटर (व्यावसायिक) के दायरे में किसी भी नए निर्माण की अनुमति नहीं होगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी विभाग या स्थानीय निकाय को NHAI या PWD की मंजूरी के बिना हाईवे सेफ्टी जोन में कोई लाइसेंस, NOC या ट्रेड अप्रूवल देने की अनुमति नहीं होगी। NHAI ने पहले ही 595 ऐसी जगहों की पहचान की है जहां अवैध कब्जे और ढाबे सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बन रहे हैं।
| कार्यवाही | समय सीमा (डेडलाइन) |
|---|---|
| डिस्ट्रिक्ट हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स का गठन | 15 दिन |
| मौजूदा लाइसेंसों की समीक्षा | 30 दिन |
| अवैध निर्माणों को हटाना/ध्वस्त करना | 60 दिन |
इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी जिला मजिस्ट्रेट, जिला कलेक्टर और पुलिस कमिश्नर या एसपी को सौंपी गई है। हर जिले में एक टास्क फोर्स बनाई जाएगी जिसमें प्रशासन, पुलिस, NHAI और PWD के अधिकारी शामिल होंगे। यह टीम यह सुनिश्चित करेगी कि हाईवे के राइट ऑफ वे (ROW) से सभी नए और पुराने अवैध अतिक्रमण पूरी तरह हटा दिए जाएं।