Maharashtra में सरकारी क्वार्टर खाली नहीं करने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज, रुकेगा HRA और TA
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने उन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है जो मुंबई में सरकारी क्वार्टर खाली नहीं कर रहे हैं। अब ऐसे अफसरों को हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) नहीं मिलेगा, जिन्हे
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने उन अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है जो मुंबई में सरकारी क्वार्टर खाली नहीं कर रहे हैं। अब ऐसे अफसरों को हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) नहीं मिलेगा, जिन्हें मुंबई से बाहर पोस्ट किया गया है। सरकार का मकसद सरकारी संसाधनों के गलत इस्तेमाल को रोकना है।
नए नियमों के मुताबिक, जिन अधिकारियों की तैनाती मुंबई से बाहर हुई है, उन्हें सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) को यह सबूत देना होगा कि उन्होंने मुंबई का सरकारी आवास खाली कर दिया है। अगर कोई अफसर यह प्रूफ जमा नहीं करता है, तो उसका HRA और TA रोक दिया जाएगा। इसके साथ ही, सरकार उन पैसों की रिकवरी भी करेगी जो गलत तरीके से इन अधिकारियों को दिए गए थे।
यह मामला काफी समय से चर्चा में था। दिसंबर 2024 में कैबिनेट मंत्री शंभूराज देसाई ने संकेत दिए थे कि जो कर्मचारी अपनी नई पोस्टिंग वाली जगह पर नहीं रह रहे हैं, उनका HRA बंद किया जाएगा। इसके लिए रेगुलेशन ऑफ ट्रांसफर्स एंड प्रिवेंशन ऑफ डिलेज इन परफॉर्मिंग गवर्नमेंट ड्यूटीज (अमेंडमेंट) बिल पर भी चर्चा हुई थी।
वहीं दूसरी तरफ, मुंबई में सरकारी आवासों के मैनेजमेंट के लिए GQMS सिस्टम काम कर रहा है। जुलाई 2026 के साइकिल में 93 सफल आवेदकों को मैसेज भेजकर फ्लैट देखने और आवेदन जमा करने को कहा गया था। साथ ही, बॉम्बे हाई कोर्ट ने मई 2026 में यह साफ कर दिया था कि रिटायरमेंट के बाद सरकारी आवास पर रहने का कोई कानूनी हक नहीं है और रिटायर होने के 12 हफ्ते के भीतर घर खाली करना जरूरी है।