Maharashtra में इस साल नहीं लग पाएगा मिट्टी के गणेश जी का नियम, सरकार ने Bombay High Court को बताया कारण

Maharashtra: इस साल गणेश उत्सव के दौरान मिट्टी की मूर्तियों के इस्तेमाल को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा अपडेट दिया है। सरकार ने Bombay High Court में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिट्टी की मूर्तियों वाली अप

Maharashtra: इस साल गणेश उत्सव के दौरान मिट्टी की मूर्तियों के इस्तेमाल को लेकर महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा अपडेट दिया है। सरकार ने Bombay High Court में कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिट्टी की मूर्तियों वाली अपील को इस साल लागू करना मुमकिन नहीं होगा। 14 सितंबर से शुरू होने वाले इस त्योहार के लिए समय बहुत कम बचा है, इसलिए फिलहाल पुराने नियमों से ही काम चलेगा।

मंगलवार को कोर्ट में राज्य की तरफ से एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे ने दलील दी कि प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) की मूर्तियां पहले ही बन चुकी हैं। त्योहार में अब करीब 40 दिन ही बचे हैं, ऐसे में अचानक बदलाव करना मुश्किल है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि अगले साल से मिट्टी की मूर्तियों के इस्तेमाल को पूरी तरह लागू किया जाएगा।

इस साल के लिए सरकार जुलाई 2025 के कोर्ट ऑर्डर का पालन करेगी, जिसके तहत विसर्जन के बाद 24 घंटे के भीतर मूर्तियों के अवशेषों को पूरी तरह हटाया जाएगा। साथ ही, सरकार ने कहा है कि वह धीरे-धीरे PoP मूर्तियों को प्राकृतिक जल निकायों (नदियों और समुद्र) में जाने से रोकने का इंतजाम करेगी ताकि प्रदूषण कम हो सके।

बता दें कि 31 जुलाई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अखिल सार्वजनिक उत्सव समिति के साथ बैठक की थी। समिति ने PoP मूर्तियों पर पूरी तरह बैन लगाने का विरोध किया क्योंकि मिट्टी की भारी कमी है और मांग पूरी करना मुश्किल होगा। उन्होंने इको-फ्रेंडली रंगों के इस्तेमाल और कृत्रिम तालाबों (Artificial Ponds) के उपयोग का सुझाव दिया है।

यह पूरा मामला एक जनहित याचिका (PIL) से जुड़ा है, जिसमें CPCB की गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करने की मांग की गई है। वहीं, PoP मूर्तियों को बनाने वाले कारीगरों ने भी कोर्ट में अपनी बात रखी है कि अचानक बैन लगने से उनके कारोबार और रोजी-रोटी पर असर पड़ेगा। कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई बुधवार, 5 अगस्त को करेगा।