Maharashtra में दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट करने वालों की खैर नहीं, अब MCOCA के तहत होगी कार्रवाई

Maharashtra: राज्य में दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट करने वाले कारोबारियों के खिलाफ अब सरकार बहुत सख्त रुख अपनाने जा रही है। उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने निर्देश दिया है कि मिलावटखोरों पर अब MCOCA (महाराष्ट्र संगठित

Maharashtra: राज्य में दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट करने वाले कारोबारियों के खिलाफ अब सरकार बहुत सख्त रुख अपनाने जा रही है। उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने निर्देश दिया है कि मिलावटखोरों पर अब MCOCA (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) लगाया जाए। यह फैसला आम जनता, खासकर बच्चों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है।

11 अगस्त 2026 को मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में हुई एक बैठक के दौरान Eknath Shinde ने साफ किया कि मिलावटखोरी एक गंभीर अपराध है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ऐसे मामलों में गैर-जमानती वारंट जारी किए जाएं ताकि अपराधी आसानी से बच न सकें। साथ ही, कानूनी कमियों को दूर करने के लिए वरिष्ठ कानूनी विशेषज्ञों की एक स्पेशल लीगल टीम बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इससे पहले 24 मार्च 2026 को FDA मंत्री Narhari Zirwal ने भी राज्य विधानसभा परिषद में यह बात कही थी कि खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए MCOCA का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं, जुलाई 2024 में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से मांग की थी कि मिलावटखोरी को पूरे देश में गैर-जमानती अपराध बनाया जाए।

FDA कमिश्नर Tukaram Mundhe के नेतृत्व में मिलावटखोरों के खिलाफ छापेमारी तेज कर दी गई है। हाल ही में 28 और 29 जुलाई 2026 को पूरे राज्य में डेयरी यूनिट्स पर छापेमारी हुई थी, जिसमें भारी मात्रा में मिलावटी दूध और उत्पाद जब्त किए गए। इसके अलावा, 8 अगस्त 2026 तक पूरे महाराष्ट्र में बिना मानक वाले एनालॉग पनीर के उत्पादन और बिक्री पर एक साल का प्रतिबंध लगा दिया गया है।