Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों को पूरी दुनिया में पहुँचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट की बैठक में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) में डॉ. बीआर अंबेडकर चेयर स्थाप
Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार ने बाबासाहेब अंबेडकर के विचारों को पूरी दुनिया में पहुँचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट की बैठक में लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (LSE) में डॉ. बीआर अंबेडकर चेयर स्थापित करने की मंजूरी दे दी गई है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में इसके लिए 37 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि मंजूर की गई है।
इस प्रोजेक्ट के लिए कितना बजट तय हुआ है
महाराष्ट्र कैबिनेट ने इस चेयर को शुरू करने के लिए 30 लाख पाउंड का वन-टाइम ग्रांट दिया है, जो भारतीय रुपयों में करीब 37.13 करोड़ रुपये होता है। इस पहल का मुख्य मकसद डॉ. अंबेडकर के सामाजिक न्याय, संवैधानिक लोकतंत्र, आर्थिक समानता और मानवाधिकारों से जुड़े विचारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिसर्च के जरिए आगे बढ़ाना है। इसके लिए LSE और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर रिसर्च एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (BARTI) के बीच एक समझौता (MoU) भी साइन किया जाएगा।
छात्रों को कैसे मिलेगा फायदा और क्या होगी रिसर्च
इस चेयर के तहत डॉ. अंबेडकर के नाम पर डॉक्टरेट स्कॉलरशिप भी दी जाएगी। योजना के मुताबिक, 10 छात्रों को चार साल की डॉक्टरेट स्कॉलरशिप मिलेगी, जिसका पहला बैच साल 2027-28 से शुरू होगा। यहाँ पर संविधान, सामाजिक समानता, लेबर राइट्स, पब्लिक फाइनेंस और समावेशी शासन जैसे विषयों पर गहराई से रिसर्च की जाएगी। पहले 10 सालों तक इस चेयर के लिए नियुक्तियाँ LSE के मौजूदा फैकल्टी से होंगी, जिसके बाद पूरी दुनिया से ओपन सिलेक्शन के जरिए विशेषज्ञों को चुना जाएगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अंबेडकर चेयर के लिए कितने पैसे दिए गए हैं?
महाराष्ट्र सरकार ने इसके लिए 30 लाख पाउंड की मंजूरी दी है, जो लगभग 37.13 करोड़ रुपये के बराबर है।
स्कॉलरशिप प्रोग्राम कब से शुरू होगा और कितने छात्रों को लाभ मिलेगा?
डॉक्टरेट स्कॉलरशिप का पहला बैच शैक्षणिक वर्ष 2027-28 से शुरू होगा, जिसमें कुल 10 छात्रों को चार साल की स्कॉलरशिप दी जाएगी।