Maharashtra में बंद होंगी 116 पुरानी जेलें, कैदियों को शिफ्ट करेंगे जिला और सेंट्रल जेलों में
Maharashtra: राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अंग्रेजों के जमाने की 116 सब-जेलों को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है। 12 जून 2026 को जारी सरकारी प्रस्ताव (GR) के मुताबिक, अब इन छोटी जेलों की जगह कैदियों को सीधे जिल
Maharashtra: राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अंग्रेजों के जमाने की 116 सब-जेलों को पूरी तरह बंद करने का आदेश दिया है। 12 जून 2026 को जारी सरकारी प्रस्ताव (GR) के मुताबिक, अब इन छोटी जेलों की जगह कैदियों को सीधे जिला और सेंट्रल जेलों में रखा जाएगा। यह कदम दशकों से उपेक्षित पड़ी जेल प्रणालियों को खत्म करने के लिए उठाया गया है।
इन सब-जेलों का प्रबंधन अब तक राजस्व विभाग (Revenue Department) देख रहा था, जिसमें जिला कलेक्टर और तहसीलदार जैसे अधिकारियों के पास अधिकार होते थे। अब यह पूरी जिम्मेदारी जेल विभाग (Prison Department) को सौंप दी गई है। सरकार ने 1952 की सब-जेल रूल बुक और पुराने जेल मैनुअल को भी रद्द कर दिया है। यह बदलाव ‘महाराष्ट्र प्रिज़न्स एंड करेक्शनल सर्विसेज एक्ट, 2025’ के तहत किया गया है ताकि जेल व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा सके।
अधिकारियों के मुताबिक, अब मजिस्ट्रेट जेलों की जरूरत कम हो गई है क्योंकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के आने के बाद ज्यादातर मामले पुलिस स्तर पर ही संभाले जा रहे हैं। इन 116 जेलों में से 80 पहले से ही बंद पड़ी थीं, जबकि बाकी बची 36 जेलों की हालत बहुत खराब थी। मानवाधिकार संगठनों ने पहले भी इन जेलों में गंदगी और सुविधाओं की कमी को लेकर सवाल उठाए थे और इसे बुनियादी अधिकारों का उल्लंघन बताया था।
इस फैसले के बाद अब इन सब-जेलों के रखरखाव के लिए मिलने वाला सरकारी पैसा अगले वित्तीय वर्ष से बंद कर दिया जाएगा। साथ ही, इन जेलों से जुड़े क्लर्क पदों को अब डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (प्रिज़न्स) के ऑफिस में ट्रांसफर किया जाएगा।