Maharashtra सरकार का बड़ा फैसला, किसानों और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 97,706 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट पेश

Maharashtra: राज्य सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत में 97,706.40 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड पूरक मांगें पेश की हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा अतिरिक्त खर्च पैकेज है, जिसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में रखा। सर

Maharashtra: राज्य सरकार ने विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत में 97,706.40 करोड़ रुपये की रिकॉर्ड पूरक मांगें पेश की हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा अतिरिक्त खर्च पैकेज है, जिसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सदन में रखा। सरकार का कहना है कि यह पैसा विकास कार्यों को जारी रखने और जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए जरूरी है।

इस पूरे पैकेज में से एडजस्टमेंट के बाद राज्य के खजाने पर कुल 74,817.66 करोड़ रुपये का शुद्ध बोझ पड़ेगा। सबसे ज्यादा पैसा सहकारिता, मार्केटिंग और टेक्सटाइल विभाग को मिला है, जबकि शहरी विकास और ऊर्जा विभाग को भी बड़ी राशि आवंटित की गई है।

प्रमुख खर्च और आवंटन की जानकारी

क्षेत्र/योजना आवंटित राशि (करोड़ रुपये) उद्देश्य
पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर योजना 20,552 56 लाख किसानों के कर्ज माफ करने के लिए
शहरी विकास विभाग 15,152.43 शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्य
ऊर्जा और उद्योग विभाग 14,760.48 बिजली बिल और सेक्टर सपोर्ट
MMRDA मेट्रो प्रोजेक्ट 3,372 मेट्रो के काम को आगे बढ़ाने के लिए लोन
थाने-बोरीवली टनल प्रोजेक्ट 4,550 ट्विन टनल और अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर
MSEDCL ब्याज भुगतान 3,000 बिजली कंपनी के लोन का ब्याज
अंगनवाड़ी कार्यकर्ता 1,734 मानदेय (Honorarium) का भुगतान
जन आरोग्य योजना 744.45 स्वास्थ्य सेवाओं के लिए

किसानों के लिए घोषित इस पैकेज पर विपक्ष ने नाराजगी जताई है। शिव सेना (UBT) के आदित्य ठाकरे और अंबदास दानवे, कांग्रेस के सतेज पाटिल और NCP (SP) के रोहित पवार ने विरोध करते हुए मांग की कि कर्ज माफी बिना किसी कड़ी शर्त के पूरी तरह से होनी चाहिए।

इतने बड़े खर्च के बीच राज्य की वित्तीय स्थिति पर भी सवाल उठे हैं। साल 2026-27 के लिए राज्य का राजस्व घाटा 40,552 करोड़ रुपये और राजकोषीय घाटा 1,50,491 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। इस साल के अंत तक राज्य का कुल कर्ज 11 लाख करोड़ रुपये तक पहुँच सकता है।