Maharashtra में Zomato, Swiggy जैसे ऐप्स के लिए बदल सकते हैं नियम, डिलीवरी पार्टनर्स के लिए बनेगा वेलफेयर फंड

Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार अब फूड डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नियमों को सख्त करने की तैयारी कर रही है। सरकार का विचार है कि Zomato, Swiggy, Zepto और Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म्स को नए नियमों के दायरे में लाया जाए

Maharashtra: महाराष्ट्र सरकार अब फूड डिलीवरी और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नियमों को सख्त करने की तैयारी कर रही है। सरकार का विचार है कि Zomato, Swiggy, Zepto और Blinkit जैसे प्लेटफॉर्म्स को नए नियमों के दायरे में लाया जाए। इसके तहत इन कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का इस्तेमाल करना होगा और डिलीवरी पार्टनर्स के फायदे के लिए एक वेलफेयर फंड में योगदान देना होगा।

परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने महाराष्ट्र बाइक-टैक्सी नियमों, 2025 में बदलाव का प्रस्ताव रखा है। ये बदलाव जुलाई 2026 में लागू हुए मोटर व्हीकल एग्रीगेटर नियमों पर आधारित होंगे, जो पहले से ही Ola और Uber जैसी राइड-हेलिंग कंपनियों पर लागू हैं। इसका मकसद डिलीवरी करने वालों के हितों की रक्षा करना और ट्रांसपोर्ट सिस्टम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।

अगर ये नए नियम लागू होते हैं, तो कंपनियों को कई बदलाव करने पड़ेंगे:

  • कंपनियों को पूरी तरह इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) फ्लीट का इस्तेमाल करना होगा।
  • हर राइड के किराए का 2 प्रतिशत हिस्सा ड्राइवर वेलफेयर फंड में जमा करना होगा।
  • सभी वाहनों में GPS ट्रैकिंग की सुविधा देनी होगी।
  • डिलीवरी पार्टनर्स के लिए बीमा कवर (Insurance) देना अनिवार्य होगा।
  • किराये के नियम क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण (RTA) द्वारा तय किए जाएंगे।
  • कंपनियों को एक यूनिक लाइसेंस आइडेंटिफिकेशन नंबर लेना होगा।

बता दें कि अभी तक ये प्लेटफॉर्म मुख्य रूप से कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 और सोशल सिक्योरिटी कोड 2020 जैसे केंद्रीय कानूनों से चलते हैं। महाराष्ट्र में इनके लिए कोई अलग राज्य स्तरीय नियम नहीं थे। इससे पहले 1 अगस्त से अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए 5 रुपये का दैनिक शुल्क और 2 प्रतिशत वेलफेयर फंड योगदान लागू किया गया था, जो इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी पॉलिसी पूरी तरह लागू होने तक प्रभावी रहेगा। दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों ने भी पहले ही डिलीवरी फ्लीट को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक करने का आदेश दिया है।