Maharashtra : कोल्हापुर की मशहूर Gokul मिल्क डेयरी में चुनाव का बिगुल बज गया है। यह महाराष्ट्र की सबसे बड़ी सहकारी डेयरी है जिसका सालाना टर्नओवर करीब 4,000 करोड़ रुपये है। इस बार चुनाव में महायुति गठबंधन और कांग्रेस नेता
Maharashtra : कोल्हापुर की मशहूर Gokul मिल्क डेयरी में चुनाव का बिगुल बज गया है। यह महाराष्ट्र की सबसे बड़ी सहकारी डेयरी है जिसका सालाना टर्नओवर करीब 4,000 करोड़ रुपये है। इस बार चुनाव में महायुति गठबंधन और कांग्रेस नेता Satej Patil के बीच कड़ी टक्कर होने वाली है, जिससे जिले के किसानों और दूध उत्पादकों की नजरें इस चुनाव पर टिकी हैं।
चुनाव की तारीखें और जरूरी नियम क्या हैं?
Gokul मिल्क यूनियन के चुनाव की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है। सदस्य मिल्क सोसायटियों को अपने प्रतिनिधियों के नाम भेजने के लिए 2 जून से 1 जुलाई 2026 तक प्रस्ताव जमा करने होंगे। वोटर लिस्ट 17 जुलाई को आएगी और उस पर आपत्तियां 27 जुलाई तक दर्ज की जा सकेंगी। फाइनल लिस्ट 30 जुलाई को जारी होगी और वोटिंग संभवतः 13 सितंबर 2026 को होगी।
कौन से पैनल मैदान में उतर रहे हैं?
महायुति गठबंधन ने एकजुट होकर ‘छत्रपति शाहू शेतकरी विकास अघाड़ी’ नाम से पैनल बनाया है। इसमें BJP, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और अजित पवार की NCP शामिल हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस नेता Satej Patil ने ‘राजर्षि शाहू शेतकरी समविचार अघाड़ी’ पैनल तैयार किया है। महायुति की तरफ से हसन मुशर्रिफ, चंद्रकांत पाटिल और धनंजय महाडिक जैसे बड़े नेता इस चुनाव में सक्रिय हैं।
हलाल सर्टिफिकेट को लेकर क्या है विवाद?
चुनाव से ठीक पहले Gokul डेयरी के कुछ प्रोडक्ट्स के हलाल सर्टिफिकेट को लेकर विवाद शुरू हो गया है। कोल्हापुर के हिंदू संगठनों ने इसका विरोध करते हुए इसे हटाने की मांग की है। डेयरी प्रशासन ने साफ किया है कि यह सर्टिफिकेट 2018 में सिर्फ खाड़ी देशों और अन्य मुस्लिम देशों में एक्सपोर्ट के लिए लिया गया था और इसका किसी धार्मिक विचारधारा से कोई लेना-देना नहीं है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Gokul मिल्क डेयरी चुनाव के लिए महत्वपूर्ण तारीखें क्या हैं?
सोसायटियों को 2 जून से 1 जुलाई 2026 तक प्रस्ताव देने होंगे, फाइनल वोटर लिस्ट 30 जुलाई को आएगी और वोटिंग 13 सितंबर 2026 को होने की उम्मीद है।
चुनाव में कौन-कौन से मुख्य पैनल लड़ रहे हैं?
महायुति गठबंधन ‘छत्रपति शाहू शेतकरी विकास अघाड़ी’ के नाम से और कांग्रेस नेता Satej Patil ‘राजर्षि शाहू शेतकरी समविचार अघाड़ी’ के नाम से चुनाव लड़ रहे हैं।